ESTIC 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2025 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए के रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) फंड की घोषणा की। यह फंड भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और नवाचार को नई गति देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस पहल से न केवल सरकारी संस्थानों बल्कि प्राइवेट सेक्टर में भी अनुसंधान को मजबूत समर्थन मिलेगा।
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को उनकी ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने देश को गौरवान्वित किया है। इसके बाद उन्होंने इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए जीसैट-7आर (सीएमएस-03) कम्युनिकेशन सैटेलाइट की सफलता पर वैज्ञानिकों को भी बधाई दी। पीएम ने कहा कि यह सफलता भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य का उदाहरण है। आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और ईएसटीआईसी कॉन्क्लेव इस प्रगति को नई दिशा देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विज्ञान और तकनीक में बदलाव की रफ्तार अब रैखिक (linear) नहीं बल्कि घातांकी (exponential) हो चुकी है। ऐसे में भारत को “भविष्य के इनोवेशन” की तैयारी आज से करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल सरकारी अनुसंधान संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी उद्योगों को भी रिसर्च और डेवलपमेंट में भागीदार बनाना है। आरडीआई फंड इस दिशा में एक बड़ा कदम है जो उद्योगों को रिसर्च में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह भी कहा कि सरकार ‘रिसर्च करने में आसानी’ (Ease of Doing Research) को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत वित्तीय नियमों और खरीद नीतियों में कई सुधार किए गए हैं ताकि वैज्ञानिकों को अनुसंधान के लिए बेहतर माहौल मिल सके।
ईएसटीआईसी 2025 कॉन्क्लेव 3 से 5 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश और विदेश के शैक्षणिक संस्थान, अनुसंधान केंद्र, उद्योग जगत, नीति निर्माता, नोबेल पुरस्कार विजेता और इनोवेटर्स भाग ले रहे हैं।
इस कॉन्क्लेव में 11 प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी —
इस आयोजन का उद्देश्य भारत को वैश्विक इनोवेशन हब बनाने की दिशा में ठोस नीति और रणनीति तैयार करना है।
सरकार का यह फंड भारत में “इनोवेशन ड्रिवन इकोनॉमी” की नींव मजबूत करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को सिर्फ टेक्नोलॉजी उपभोक्ता नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी निर्माता राष्ट्र बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस पहल का लाभ उठाकर अपने आइडियाज को वैश्विक स्तर पर ले जाएं।
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