PLI Electronics: भारत ने साल 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। पहली बार देश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 47 अरब डॉलर यानी करीब 4.15 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें साल-दर-साल 37 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह उछाल भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत स्थिति में खड़ा करता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 के पिछले 12 महीनों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 34.93 अरब डॉलर रहा था, जो 2025 में बढ़कर 47 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी न सिर्फ निर्यात क्षमता में इजाफा दिखाती है, बल्कि वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की बढ़ती स्वीकार्यता को भी दर्शाती है।
पीएलआई के तहत कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का लगभग दो-तिहाई हिस्सा यानी करीब 30 अरब डॉलर सिर्फ स्मार्टफोन निर्यात से आया है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना की अहम भूमिका रही है। साल 2025 में स्मार्टफोन निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।
दिसंबर 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 4.17 अरब डॉलर रहा, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 3.58 अरब डॉलर था। यानी सालाना आधार पर 16.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह है कि 2025 के 12 महीनों में से 7 महीनों में निर्यात 4 अरब डॉलर से अधिक रहा, जो निरंतर मजबूत मांग को दर्शाता है।

एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में हुआ स्मार्टफोन निर्यात पिछले पांच वर्षों के कुल स्मार्टफोन निर्यात का लगभग 38 प्रतिशत है। आंकड़े बताते हैं कि 2021 से 2025 के बीच भारत से स्मार्टफोन का कुल निर्यात 79.03 अरब डॉलर रहा, जिसमें 2025 सबसे बड़ा योगदान देने वाला साल रहा।
इस दौरान एप्पल के आईफोन का हिस्सा करीब 75 प्रतिशत रहा। आईफोन निर्यात का मूल्य 22 अरब डॉलर से ज्यादा रहा, जो भारत को प्रीमियम स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाता है। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में पहली बार भारत से आईफोन का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा, जो 2024 के मुकाबले लगभग 85 प्रतिशत अधिक है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने से आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और तेज होगा। उन्होंने बताया कि 2026 में चार सेमीकंडक्टर प्लांट पूरी तरह उत्पादन शुरू करेंगे, जिससे वैल्यू चेन और मजबूत होगी।
सरकारी अनुमान के अनुसार, 2024-25 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 11.3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है और देश में बिकने वाले 99 प्रतिशत से ज्यादा मोबाइल फोन भारत में ही बन रहे हैं।
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