Orkla IPO Listing: फूड इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी ऑर्कला इंडिया लिमिटेड (Orkla India Ltd) ने गुरुवार को शेयर बाजार में अपनी एंट्री की। हालांकि, कंपनी के आईपीओ निवेशकों की उम्मीदों को उस समय झटका लगा, जब शुरुआती बढ़त के बाद शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बीएसई पर 751.50 और एनएसई पर 750.10 प्रति शेयर के स्तर पर हुई — यानी इश्यू प्राइस 730 से करीब 2% प्रीमियम पर। लेकिन कुछ ही घंटों में शेयरों पर बिकवाली का दबाव हावी हो गया और यह लाल निशान में फिसल गया। दोपहर 11 बजे तक शेयर 727.90 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिससे निवेशकों को 0.29% का नुकसान हुआ।
ऑर्कला इंडिया का 1,667.54 करोड़ का आईपीओ 29 से 31 अक्टूबर 2025 तक खुला था। यह एक पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू था। इसके बावजूद निवेशकों का जोश देखने लायक था — आईपीओ को कुल 48.74 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
कंपनी ने 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 2,28,43,004 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी किए थे। इतना मजबूत सब्सक्रिप्शन मिलने के बाद बाजार में उम्मीद थी कि लिस्टिंग डे पर शेयरों में जबरदस्त तेजी दिखेगी। मगर शुरुआती बढ़त टिक नहीं सकी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति में हाल के वर्षों में स्थिरता के साथ कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इससे जुड़े आंकड़े इस प्रकार हैं...
राजस्व की बात करें तो कंपनी की आमदनी में निरंतर बढ़ोतरी रही है। आंकड़े इस प्रकार हैं...
मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी ने 78.92 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ और 605.38 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया।
कर्जमुक्त कंपनी की ओर कदमः कंपनी का कर्ज लगातार घट रहा है। आंकड़े इस प्रकार हैं...
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में मामूली रूप से 2.33 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज हुआ। यह दर्शाता है कि ऑर्कला इंडिया अपने वित्तीय ढांचे को सुदृढ़ बना रही है।
रिजर्व, सरप्लस और ईबीआईटीडीए में सुधार: रिजर्व और सरप्लस के आंकड़े भी मजबूत स्थिति का संकेत देते हैं।
ईबीआईटीडीए (EBITDA) में लगातार सुधार देखा गया है। आंकड़े इस प्रकार हैं...
इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी की परिचालन क्षमता में सुधार हो रहा है, भले ही शुद्ध लाभ पर थोड़ी अस्थिरता दिख रही हो।
विश्लेषकों का कहना है कि ऑर्कला इंडिया के शेयरों में शुरुआती गिरावट लंबे समय के लिए चिंता का विषय नहीं है। फूड और एफएमसीजी सेक्टर में इसकी मजबूत पकड़, बढ़ता राजस्व और घटता कर्ज कंपनी की सकारात्मक ग्रोथ स्टोरी को दर्शाते हैं। हालांकि, अल्पकालिक निवेशक लिस्टिंग गेन से वंचित रह गए हैं, इसलिए शेयर में वॉलैटिलिटी बनी रह सकती है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी के मूलभूत कारक (फंडामेंटल्स) मजबूत माने जा रहे हैं।
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