किसानों की आय बढ़ाने के लिए गोबरधन’ योजना किया मंजूर

खबर सार :-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज गुरुवार को 23,731 करोड़ रुपये के कुल बजट वाली ‘गोबरधन’ को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2027 से 2036 तक लागू रहेगी। इसका उद्देष्य देश में संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) के उत्पादन को बढ़ाना है।
गोबरधन’ योजना को मंजूरी, खर्च होंगे 23,731 करोड़

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज गुरुवार को 23,731 करोड़ रुपये के कुल बजट वाली ‘गोबरधन’ को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2027 से 2036 तक लागू रहेगी। इसका उद्देष्य देश में संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) के उत्पादन को बढ़ाना है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और निजी निवेश को फायदा मिलगा। इस दर में कम से कम 10 वर्षों तक बदलाव नहीे हो सकेगा। बता दें कि कैबिनेट का कहना है कि गोबरधन योजना के तहत घरेलू सीबीजी उत्पादन को करीब 10 गुना बढाया जाना है।

सीबीजी की बिक्री के भरोसेमंद बाजार मिलेगा

इसके लिए सरकार ‘सीबीजी ऑफटेक एश्योरेंस’ व्यवस्था लागू करेगी और इससे उत्पादकों को सीबीजी की बिक्री के भरोसेमंद बाजार मिलेगा। सरकार ने सीबीजी की प्रशासनिक कीमत 2,110 रुपये प्रति एमएमबीटीयू निर्धारित कर दी है। इससे उत्पादकों को स्थिर आय का भरोसा मिलेगा। साथ ही उपभोक्ताओं पर भी कीमतों का संतुलन बना रहेगा। योजना के अंतर्गत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियां वित्त वर्ष 2027 में 3 प्रतिशत, 2028 में 4 प्रतिशत तथा 2029 से आगे 5 प्रतिशत सीबीजी मिश्रण का लक्ष्य पूरा करेंगी। स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा के अलावा देश की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सीबीजी इकोसिस्टम फंड’ बनाया जाएगा

सरकार पात्र ग्रीनफील्ड सीबीजी परियोजनाओं को स्थापित क्षमता के प्रति टन प्रतिदिन (टीपीडी) पर 2 करोड़ रुपये तक की सहायता देने का निर्णयभी किया है। जिला स्तर पर सीबीजी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए ‘सीबीजी इकोसिस्टम चौलेंज फंड’ बनाया जाएगा। संयंत्र मशीनरी के साथ फीडस्टॉक संग्रहण, जैविक खाद प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर भी नियम को लागू रखा जाएगा। ब्राउनफील्ड परियोजनाएं भी इस सहायता के दायरे में होंगी, क्योंकि यह उत्पादकता बढाती हैं। गोबरधन योजना में सीबीजी संयंत्रों को ट्रंक पाइपलाइन और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना सीबीजी मूल्य श्रृंखला के लिए एक समेकित मंच प्रदान करेगी।

परियोजनाओं के लिए विशेष क्रेडिट गारंटी लागू होगी

साथ ही एमएसएमई आधारित परियोजनाओं के लिए विशेष क्रेडिट गारंटी व्यवस्था लागू होगी। इससे ऋण प्राप्त करना आसान होगा तथा जमानत की जरूरत कम होगी। सरकार की इस नई परियोजनाओं को गति देने में कोई कसर नहीं छोडी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे। इसके लिए क्लस्टर आधारित तथा स्वतंत्र पाइपलाइन अवसंरचना मदद करेगी। इसे और विकसित किया जाएगा। इससे परिवहन खर्च घटेगा। आपूर्ति भी अधिक भरोसेमंद बनेगी। 

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