नई दिल्लीः वैश्विक बाजारों से गुरुवार को सुबह से ही मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं, जिससे भारतीय निवेशक भी सतर्क नजर आ रहे हैं। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में मजबूती का रुख देखने को मिला, लेकिन एशियाई बाजारों में दबाव की स्थिति बनी हुई है। यह परिदृश्य निवेशकों के बीच सतर्कता और अनिश्चितता दोनों का संकेत दे रहा है।
अमेरिकी बाजारों की बात करें तो फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों में उत्साह पैदा किया। डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने पिछले सत्र में 400 अंकों से अधिक की छलांग लगाई। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,466.58 अंक पर बंद हुआ, जबकि टेक-हैवी नैस्डैक 0.14 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 21,713.14 अंक पर बंद हुआ। वहीं डाउ जॉन्स फ्यूचर्स वर्तमान में 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 44,947.48 अंक पर कारोबार कर रहा है, जो सकारात्मक संकेत दे रहा है।
यूरोपीय बाजारों में भी खरीदारी का माहौल देखने को मिला। एफटीएसई इंडेक्स 0.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,165.23 अंक पर बंद हुआ। फ्रांस का सीएसी इंडेक्स 0.66 प्रतिशत उछलकर 7,804.97 अंक तक पहुंच गया। जर्मनी का डीएएक्स इंडेक्स भी 160.81 अंक की बढ़त के साथ 24,185.59 अंक पर बंद हुआ, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। हालांकि एशियाई बाजारों में आज नकारात्मक रुख देखने को मिला। एशिया के नौ प्रमुख बाजारों में से सात बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। जापान का निक्केई इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जो 1.47प्रतिशत की गिरावट के साथ 42,640 अंक पर पहुंच गया। इसके पीछे वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू आर्थिक आंकड़ों की धीमी गति जिम्मेदार मानी जा रही है।
ताइवान वेटेड इंडेक्स भी 94.39 अंक यानी 0.39 प्रतिशत टूटकर 24,275.63 अंक पर पहुंच गया है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,211.81 अंक पर और हांगकांग का हैंग सेंग 0.21 प्रतिशत गिरकर 25,559 अंक पर कारोबार कर रहा है। थाईलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स भी 0.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,274.91 अंक पर आ गया। वहीं, गिफ्ट निफ्टी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24,682.50 अंक पर कारोबार कर रहा है, जो भारतीय बाजार की हल्की कमजोरी का संकेत देता है। हालांकि, कुछ एशियाई बाजारों ने मजबूती भी दिखाई है, जैसे इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 0.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 7,941.54 अंक पर पहुंच गया, और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.20 प्रतिशत ऊपर 3,690.88 अंक पर कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर, वैश्विक संकेतों में स्पष्टता की कमी के चलते बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। भारत के लिए आज का दिन सावधानी के साथ निवेश करने का रहेगा।
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