यूपी-एमपी पुलिस की अंतर्राज्यीय बॉर्डर मीटिंग, नशा तस्करों पर संयुक्त कार्रवाई की बनी रणनीति

खबर सार :-

मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
यूपी-एमपी पुलिस की अंतर्राज्यीय बॉर्डर मीटिंग, नशा तस्करों पर संयुक्त कार्रवाई की बनी रणनीति

खबर विस्तार : -

झांसीः मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के बीच पुलिस समन्वय को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले स्थित ओरछा में अंतर्राज्यीय बॉर्डर मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में बढ़ती चुनौतियों, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने तथा संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद

यह बैठक भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आयोजित 9वीं एपेक्स लेवल कमेटी (NCORD) की बैठक में दिए गए निर्देशों तथा मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के आदेशों के अनुपालन में आयोजित की गई। बैठक का संचालन पुलिस उपमहानिरीक्षक, छतरपुर रेंज विजय कुमार खत्री के निर्देशन में किया गया।

बैठक में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। इनमें झांसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आकाश कुलहरि, सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला, झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति, ललितपुर के पुलिस अधीक्षक मो. मुस्ताक के अलावा निवाड़ी, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और दमोह जिलों के पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे।

महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान अंतर्राज्यीय सीमाओं पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने ड्रग पैडलर्स और तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने, फरार एवं गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी साझा करने, खुफिया सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करने तथा सीमावर्ती जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।

इसके अलावा दोनों राज्यों की पुलिस के बीच नियमित संवाद बनाए रखने, संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई से न केवल मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा, बल्कि अपराधियों के नेटवर्क को भी कमजोर किया जा सकेगा।

अपराधियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिले भविष्य में भी आपसी सहयोग और समन्वय के साथ अवैध मादक पदार्थों के कारोबार, अवैध परिवहन और तस्करी में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ लगातार संयुक्त अभियान चलाएंगे। साथ ही सूचनाओं के नियमित आदान-प्रदान और साझा कार्रवाई के माध्यम से प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस तरह की अंतर्राज्यीय बैठकों और संयुक्त अभियानों से केंद्र सरकार के ‘नशामुक्त भारत’ अभियान को मजबूती मिलेगी तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल होगी।

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