बल्दीराय में लेखपालों का फूटा आक्रोश, अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज जमा कर जताया विरोध

खबर सार :-
बल्दीराय तहसील में समस्याओं के समाधान न होने से नाराज लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज तहसील कार्यालय में जमा कर विरोध जताया। लेखपाल संघ ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब सभी कर्मचारी केवल अपने मूल क्षेत्र में ही कार्य करेंगे। संघ ने चेतावनी दी कि अतिरिक्त कार्य प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

बल्दीराय में लेखपालों का फूटा आक्रोश, अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज जमा कर जताया विरोध
खबर विस्तार : -

सुल्तानपुर: जिले की बल्दीराय तहसील में लेखपालों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। तहसील प्रशासन की अनदेखी और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान न होने से नाराज लेखपालों ने मंगलवार को अपने अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज तहसील कार्यालय में जमा कर विरोध दर्ज कराया। इस कदम के बाद तहसील प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उपशाखा बल्दीराय के बैनर तले बड़ी संख्या में लेखपाल तहसील कार्यालय पहुंचे और अतिरिक्त कार्यभार वापस करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लेखपालों का कहना है कि उन्होंने कई बार ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

लेखपालों का आरोप है कि कम स्टाफ होने के बावजूद उन पर कई गांवों और अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्यभार डाला गया था। इससे न केवल राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे थे, बल्कि कर्मचारियों पर मानसिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था। उनका कहना है कि एक ही कर्मचारी से कई क्षेत्रों का कार्य लेने के कारण काम की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों प्रभावित हो रही थीं।

मंगलवार को ओमकार मौर्य, संदीप तिवारी, अरविंद प्रताप सिंह, मोहम्मद सैफ खान, शशि प्रभा और ओमप्रकाश बंदन सहित कई लेखपालों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज जमा किया।

लेखपाल संघ के अध्यक्ष संतराम यादव और मंत्री कमलेश यादव ने स्पष्ट कहा कि अब सभी लेखपाल केवल अपने मूल क्षेत्र का ही कार्य करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अतिरिक्त क्षेत्रों से जुड़े किसी भी राजस्व कार्य में देरी, जनता की परेशानी या प्रशासनिक अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।

तहसील परिसर में पूरे दिन इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा। कर्मचारियों के इस विरोध को प्रशासन के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि जल्द ही प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच कोई समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में राजस्व व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विवाद लंबा खिंचता है तो जमीन संबंधी कार्य, प्रमाण पत्र और राजस्व से जुड़े अन्य जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हुई है।
 

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