दबंगई से दिव्यांग का निर्माण कार्य रुकवाने का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
खबर सार :-
तहसील सदर क्षेत्र के नौगामा पकरिया इलाके में एक दिव्यांग व्यक्ति के निर्माण कार्य को जबरदस्ती रोकने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने जिला मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र सिंह से मुलाकात कर शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
खबर विस्तार : -
पीलीभीतः एक दिव्यांग व्यक्ति का निर्माण कार्य दबंगई के बल पर रुकवाने का मामला सामने आया है। मामला तहसील सदर क्षेत्र के नौगमा पकड़िया स्थित वसुंधरा कॉलोनी का है, जहां पीड़ित ने जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय की मांग की है। सोमवार को पीड़ित दिव्यांग व्यक्ति डीएम दरबार पहुंचा और जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को शिकायती पत्र सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
शिकायतकर्ता दुष्यंत कुमार गंगवार ने बताया कि वह वसुंधरा कॉलोनी में गाटा संख्या 121 के अंतर्गत स्थित 480 वर्ग मीटर के प्लॉट के मालिक हैं। उन्होंने अपने निजी उपयोग के लिए निर्माण कार्य शुरू कराया था, लेकिन आरोप है कि क्षेत्र के मनविन्द्र सिंह ढिल्लों उर्फ छाबड़ा ने दबंगई दिखाते हुए निर्माण कार्य जबरन रुकवा दिया।
दुष्यंत कुमार का कहना है कि मनविन्द्र सिंह यह दावा कर रहे हैं कि उक्त जमीन गाटा संख्या 120 में आती है, जबकि उनके पास उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार प्लॉट गाटा संख्या 121 का हिस्सा है। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में उन्हें पहले भी प्रशासनिक स्तर पर राहत मिल चुकी है।
उन्होंने बताया कि 15 सितंबर 2024 को राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन की पैमाइश की थी। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह पुष्टि की गई थी कि संबंधित प्लॉट गाटा संख्या 121 के अंतर्गत आता है। इसके अलावा दुष्यंत कुमार ने सिविल कोर्ट में कमीशन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है और उससे जुड़े दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं।
पीड़ित ने मनविन्द्र सिंह ढिल्लों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वसुंधरा कॉलोनी के लिए पास कराए गए लेआउट में गाटा संख्या 118 और 130 की सरकारी तथा पट्टे की जमीन को भी शामिल किया गया है। आरोप है कि इन जमीनों को भी अवैध रूप से प्लॉटिंग कर बेच दिया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि वसुंधरा कॉलोनी के लेआउट और भूमि अभिलेखों की गहनता से जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध कब्जा सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित दुष्यंत कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि उनके भूमि अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें दबंगों के चंगुल से राहत दिलाई जाए, ताकि वह अपना निर्माण कार्य पूरा कर सकें।
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