रोरवा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच में लेटलतीफी, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

खबर सार :-
सोनभद्र ग्राम पंचायत रोरवा में कथित अनियमितताओं की जांच में देरी पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने धन दुरुपयोग व मनरेगा फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।

रोरवा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच में लेटलतीफी, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
खबर विस्तार : -

कोन/सोनभद्रः विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत रोरवा में कथित अनियमितताओं की जांच में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बुधवार को प्रतीक गुप्ता के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए एडीओ पंचायत और ग्राम प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद जांच प्रक्रिया को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।

जिला मजिस्ट्रेट ने दिए जांच के आदेश

बताया जाता है कि जिला मजिस्ट्रेट बद्रीनाथ सिंह ने ग्राम पंचायत रोरवा में प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास, मनरेगा तथा लोक वित्त/राज्य वित्त से जुड़े कार्यों में अनियमितता की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। स्थानीय निवासी प्रतीक कुमार एवं राजेश कुमार भाटिया द्वारा 19 जनवरी 2026 और 18 दिसंबर 2025 को शपथ पत्र सहित शिकायत प्रस्तुत कर बिंदुवार जांच की मांग की गई थी।

जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 (संशोधित 1994) की धारा 95(1) तथा संबंधित नियमावली के तहत जांच समिति गठित की। समिति में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सहायक अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) एवं जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को नामित किया गया। संयुक्त जांच कर एक माह के भीतर स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं प्रधान प्रतिनिधि द्वारा धन का दुरुपयोग किया गया। कुछ लोगों को शौचालय की राशि मिलने के बावजूद निर्माण नहीं हुआ, जबकि मनरेगा में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान किया गया। वहीं वास्तविक मजदूरों का भुगतान दो वर्षों से लंबित है।

शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर पुनः शिकायत दर्ज कर शीघ्र निष्पक्ष जांच की मांग की है। जांच अधिकारी ने बताया कि संबंधित विभागों से अभिलेख मांगे गए हैं, अभिलेख प्राप्त होते ही जांच पूरी कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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