शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिमा निर्माण के लिए दिए एक लाख रुपये, दिवंगत हिन्दू ज्ञान देव को बताया प्रेरणास्रोत

खबर सार :-

शुक्रवार को अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पूर्व MLC जयेश प्रसाद के साथ मिलकर कच्चा कटरा मोड़ पर स्वर्गीय हिंदू ज्ञान देव के घर का दौरा किया। उन्होंने परिवार से मुलाकात की। इस दौरान, हिंदू ज्ञान देव के परिवार वालों ने शंकराचार्य से सदर बाज़ार पुलिस स्टेशन के सामने उनकी मूर्ति लगवाने का अनुरोध किया।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिमा निर्माण के लिए दिए एक लाख रुपये, दिवंगत हिन्दू ज्ञान देव को बताया प्रेरणास्रोत

खबर विस्तार : -

शाहजहांपुर: ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद के साथ कच्चा कटरा मोड़ स्थित दिवंगत हिन्दू ज्ञान देव के आवास पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार का हालचाल जाना, उन्हें सांत्वना दी और आशीर्वाद प्रदान किया।

हिन्दू ज्ञान देव को बताया प्रेरणास्त्रोत

मुलाकात के दौरान हिन्दू ज्ञान देव के परिजनों ने शंकराचार्य से थाना सदर बाजार के सामने उनकी प्रतिमा स्थापित कराने की मांग रखी। परिजनों ने बताया कि वर्ष 1989 में शंकराचार्य की रिहाई की मांग को लेकर हिन्दू ज्ञान देव ने थाना सदर बाजार के सामने आत्मदाह किया था। उनका कहना था कि इस बलिदान को आज भी हिंदू समाज सम्मानपूर्वक याद करता है और उनकी स्मृति को स्थायी स्वरूप देने के लिए प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।

परिजनों की मांग पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तत्काल प्रतिमा निर्माण के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि हिन्दू ज्ञान देव का बलिदान समाज के लिए प्रेरणा का विषय है और उनके त्याग को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।

परिजनों ने व्यक्त किया आभार

शंकराचार्य ने कहा कि समाज अपने बलिदानियों और महापुरुषों को याद रखता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिन्दू ज्ञान देव की प्रतिमा शीघ्र स्थापित होगी, जिससे युवा पीढ़ी उनके साहस, समर्पण और त्याग से प्रेरणा प्राप्त करेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि प्रतिमा निर्माण में आगे किसी प्रकार की आवश्यकता हुई तो वे हरसंभव सहयोग के लिए तैयार रहेंगे।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शंकराचार्य के इस सहयोग का स्वागत करते हुए इसे दिवंगत हिन्दू ज्ञान देव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने हिन्दू ज्ञान देव के योगदान को स्मरण करते हुए उनकी स्मृति को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

शंकराचार्य के इस कदम को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक पहल माना जा रहा है। परिजनों ने आर्थिक सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि जल्द ही प्रतिमा निर्माण का कार्य शुरू होगा और शहर में दिवंगत हिन्दू ज्ञान देव की स्मृति को स्थायी सम्मान मिलेगा।

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