शाहपुरा में वक्फ ट्रिब्यूनल के आदेश पर बड़ी कार्रवाई, विवादित भूमि से हटाए अतिक्रमण, कथित मजारें भी ध्वस्त
खबर सार :-
सुलतान शाह बावड़ी की भूमि को लेकर नगर पालिका और वक्फ कमेटी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। फिलहाल एहतियात के तौर पर मीडिया और आम नागरिकों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई।
खबर विस्तार : -
शाहपुरा: पुराने बस स्टैंड के पास स्थित सुलतान शाह बावड़ी क्षेत्र में गुरुवार को नगर पालिका और प्रशासन ने राजस्थान वक्फ ट्रिब्यूनल के आदेश की पालना करते हुए बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित भूमि से कब्जे हटाए गए और आधा दर्जन कथित मजारों सहित अस्थायी निर्माणों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। संवेदनशील कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
अधिकारियों के समझाने के बाद शांत हुआ मामला
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शाहपुरा उपखंड अधिकारी सुनील मीणा के निर्देश पर बीएनएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की। विवादित स्थल और शहर के प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 200 पुलिसकर्मियों, वज्र वाहन और आर्मर यूनिट को तैनात किया गया।
कार्रवाई शुरू होने से पहले मुस्लिम समाज के लोग शहर काजी सैयद शराफत अली और वक्फ कमेटी के अध्यक्ष हमीद खान कायमखानी के नेतृत्व में संविधान की प्रति लेकर विवादित स्थल की ओर बढ़े। हालांकि पुलिस ने उन्हें त्रिमूर्ति चौराहे पर ही रोक दिया। अधिकारियों द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद सभी लोग शांतिपूर्वक लौट गए। बाद में समाज के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शाहपुरा थाने पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की।
वक्फ कमेटी ने करीब एक बीघा 10 बिस्वा भूमि पर अपना दावा किया था, लेकिन राजस्थान वक्फ ट्रिब्यूनल ने सुनवाई के बाद केवल 9 गुणा 22 फीट भूमि पर ही वक्फ कमेटी का अधिकार स्वीकार किया। न्यायाधिकरण के इसी आदेश के आधार पर प्रशासन ने शेष भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की।
खाली कराई गई विवादित जमीन
कार्रवाई के दौरान वक्फ कमेटी की ओर से कथित मजारों को सम्मानपूर्वक हटाने के लिए समय देने का अनुरोध किया गया। प्रशासन ने लगभग एक घंटे तक इंतजार भी किया, लेकिन प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर जेसीबी मशीनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई। नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी प्रकाश साहू ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप पूरी कार्रवाई की गई है और विवादित भूमि को खाली करवा लिया गया है।
मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य, डीएसपी ओमप्रकाश विश्नोई, थाना प्रभारी सुरेश शर्मा, तहसीलदार भीवंराज परिहार सहित पुलिस, राजस्व और नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य ने बताया कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के पालन में की गई है तथा पूरे अभियान के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही।
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