UPI फ्रॉड केस में रामपुर साइबर क्राइम की बड़ी सफलता, 2.14 लाख की रकम रिफंड

खबर सार :-
थाना साइबर क्राइम रामपुर ने तकनीकी जांच के माध्यम से यूपीआई ठगी के मामले में पीड़िता की पूरी राशि 2,14,931 वापस दिलाई। साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई कर ठग के खातों की जानकारी जुटाई। पीड़िता ने टीम का आभार जताया। पुलिस ने नागरिकों को अनजान लिंक और गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी।

UPI फ्रॉड केस में रामपुर साइबर क्राइम की बड़ी सफलता, 2.14 लाख की रकम रिफंड
खबर विस्तार : -

रामपुर: साइबर अपराधों के विरुद्ध चल रहे विशेष अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम रामपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। साइबर ठगी की शिकार एक पीड़िता के बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से निकाली गई पूरी राशि 2,14,931 साइबर सेल ने तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के बाद वापस करा दी।

पीड़िता ने 27 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि किसी अज्ञात साइबर ठग ने धोखे से उसके खाते से यूपीआई के जरिए कुल 2,14,931 अपनी खाते में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश के निर्देशों और पुलिस अधीक्षक रामपुर विद्यासागर मिश्र की निगरानी में साइबर सेल को तत्काल जांच का जिम्मा सौंपा गया।

अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह, जो जिले के साइबर अपराध नोडल अधिकारी भी हैं, के निर्देशन में टीम ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए ठग द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों और ट्रांजैक्शन चैन का पता लगाया। थाना साइबर क्राइम की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित खातों पर होल्ड लगवाया और पीड़िता की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई।

जांच टीम ने पीड़िता को जागरूक करते हुए यह भी समझाया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की जानकारी, यूपीआई पिन, ओटीपी या सीवीवी नंबर साझा न करें। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत cybercrime.gov.in पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई।

धनराशि की बरामदगी के बाद पीड़िता और उसके परिजनों ने पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्रवाई ने न केवल पीड़िता को राहत दी, बल्कि जिले में पुलिस के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया है।

जांच एवं बरामदगी टीम:

1. आशाराम – प्रभारी निरीक्षक, थाना साइबर क्राइम
2. मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार
3. आरक्षी रेशमपाल
4. महिला आरक्षी मालती सिंह

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