Prayagraj Magh Mela 2026 : संगम की रेती पर आस्था और आधुनिकता का संगम: प्रयागराज में टेंट सिटी से बदला माघ मेला 2026 का स्वरूप

खबर सार :-
Prayagraj Magh Mela 2026 :प्रयागराज के संगम तट पर विकसित आधुनिक टेंट सिटी माघ मेला 2026 में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक पर्यटन का नया अनुभव दे रही है, जहां सुविधाएं, संस्कृति और रोजगार एक साथ नजर आ रहे हैं।

Prayagraj Magh Mela 2026 : संगम की रेती पर आस्था और आधुनिकता का संगम: प्रयागराज में टेंट सिटी से बदला माघ मेला 2026 का स्वरूप
खबर विस्तार : -

प्रयागराज: संगम (Sangam) की पावन रेती पर इस बार आस्था के साथ आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मकर संक्रांति (Makar Sankranti) और माघ मेले के दौरान देश-विदेश से प्रयागराज (Prayagraj) पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए संगम तट पर एक अत्याधुनिक टेंट सिटी विकसित की गई है, जो आध्यात्मिक पर्यटन (Spiritual tourism) के अनुभव को बिल्कुल नए आयाम दे रही है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) की ओर से तैयार यह टेंट कॉलोनी (Tent Colony) श्रद्धालुओं के ठहराव को न केवल सुरक्षित और सुविधाजनक बना रही है, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से भी जोड़ रही है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह (Jaiveer Singh) ने जानकारी देते हुए बताया कि यह टेंट सिटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की परिकल्पना का मूर्त रूप है। मुख्यमंत्री का उद्देश्य माघ मेला जैसे आयोजनों को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए पर्यटन, रोजगार और स्थानीय संस्कृति के संवर्धन का माध्यम बनाना है। इसी सोच के अनुरूप संगम तट के अरैल सेक्टर-7 क्षेत्र में त्रिवेणी पुष्प से पहले आधुनिक टेंट कॉलोनी विकसित की गई है।

Prayagraj Magh Mela 2026 : टेंट सिटी में कुल 50 कॉटेज बनाए गए

इस टेंट सिटी में कुल 50 कॉटेज बनाए गए हैं, जिन्हें प्रीमियम, लग्जरी और डीलक्स-तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालु अपनी सुविधा और बजट के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से इनकी बुकिंग कर सकते हैं। प्रीमियम श्रेणी के कॉटेज में उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहीं लग्जरी और डीलक्स टेंट भी स्वच्छता, सुरक्षा और आराम के सभी मानकों पर खरे उतरते हैं। ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए सात्विक भोजन की व्यवस्था शुल्क में ही शामिल की गई है, जिससे कल्पवासियों को किसी अतिरिक्त चिंता का सामना न करना पड़े। टेंट कॉलोनी को केवल ठहराव स्थल तक सीमित नहीं रखा गया है। परिसर में यज्ञशालाओं का निर्माण किया गया है, जहां नियमित रूप से भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कलाग्राम की स्थापना की गई है, जहां स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों की कला को मंच मिल रहा है।

Prayagraj Magh Mela 2026 : प्रयागराज की प्रसिद्ध मूंज कला को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया

माघ मेला 2026 में रोजगार और नवाचार की झलक भी साफ दिखाई दे रही है। एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत प्रयागराज की प्रसिद्ध मूंज कला (Moonj Craft) को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। मूंज से बने पारंपरिक और उपयोगी उत्पाद-जैसे डलिया, टोकरी, सजावटी वस्तुएं और घरेलू सामान-श्रद्धालुओं के बीच खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। इससे स्थानीय कारीगरों को न केवल आय के नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि उनकी वर्षों पुरानी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिल रही है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि संगम की यह टेंट सिटी इस बात का प्रमाण है कि धार्मिक आयोजन किस प्रकार समग्र विकास का माध्यम बन सकते हैं। माघ मेला 2026 आस्था, संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता का ऐसा संगम बनकर उभरा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के आयोजनों के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगा।

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