पीलीभीत में अवैध कछुए रखने पर युवक गिरफ्तार, भेजा गया जेल

खबर सार :-
पीलीभीत में एक युवक को अवैध रूप से कछुए रखने के आरोप में जेल भेजा गया है। वन विभाग को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि पूरनपुर में एक युवक के घर में कछुए रखे गए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी की और कछुओं के साथ युवक को पकड़ लिया।

पीलीभीत में अवैध कछुए रखने पर युवक गिरफ्तार, भेजा गया जेल
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः जनपद के पूरनपुर क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक युवक को अवैध रूप से कछुए रखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने का मामला सामने आया है। यह कार्रवाई वन विभाग द्वारा सोमवार को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण कानून को लेकर जागरूकता और सख्ती दोनों पर चर्चा शुरू हो गई है।

गुप्त सूचना पर वन विभाग ने लिया एक्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरनपुर के मोहल्ला कायस्थान, वार्ड संख्या 09 निवासी रवि गुप्ता पुत्र नंद किशोर गुप्ता के घर में अवैध रूप से कछुए रखे जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी सोवरन लाल के नेतृत्व में वन विभाग की एक टीम गठित की गई, जिसने सोमवार को रवि गुप्ता के आवास पर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान घर में बने एक एक्वेरियम की जांच की गई, जिसमें दो जीवित कछुए पाए गए। वन विभाग की टीम ने तत्काल दोनों कछुओं को कब्जे में ले लिया और युवक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी कछुए रखने के संबंध में कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भेजा गया जेल

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कछुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित) की अनुसूची प्रथम में शामिल एक संरक्षित वन्यजीव है। इस श्रेणी के वन्यजीवों को पकड़ना, रखना, पालना या उनका व्यापार करना कानूनन गंभीर अपराध माना जाता है। इस अपराध में दोषी पाए जाने पर कठोर दंड और जेल का प्रावधान है।

आरोपी रवि गुप्ता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी सोवरन लाल ने सोमवार शाम करीब 5 बजे इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है।

आम जन से की अपील

वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के वन्यजीव को अवैध रूप से न रखें और न ही खरीद–फरोख्त करें। यदि कहीं भी इस तरह की गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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