फांसी के फंदे पर मिला कर्मचारी का शव, FIR दर्ज न होने से मंत्री हुए आग बबूला

खबर सार :-
पीलीभीत में एक प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी अनिल की संदिग्ध मौत का मामला बढ़ गया है। घटना के 30 घंटे बाद भी सिटी थाना पुलिस के FIR दर्ज न करने से नाराज पीड़ित परिवार ने राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार से मुलाकात की।

फांसी के फंदे पर मिला कर्मचारी का शव, FIR दर्ज न होने से मंत्री हुए आग बबूला
खबर विस्तार : -

पीलीभीत में एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में कर्मचारी अनिल की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के 30 घंटे बाद भी शहर कोतवाली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न किए जाने से नाराज परिजनों ने राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को तलब कर शहर कोतवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

फांसी के फंदे पर मिला था शव

मृतक अनिल कथित कॉलोनाइजर वेद प्रकाश कश्यप के कार्यालय में कार्यरत था। उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई और प्रॉपर्टी डीलर पर संदेह व्यक्त किया। घटना के बाद से परिवार में आक्रोश है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

परिजनों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की। जब मंत्री संजय सिंह गंगवार ने शहर कोतवाल सत्येंद्र कुमार से जवाब तलब किया, तो कोतवाल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही। इस पर मंत्री नाराज हो गए और इसे लापरवाही बताया।

कोतवाल को निलंबित करने के निर्देश

कोतवाल की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट मंत्री ने पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा को गेस्ट हाउस बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त है और संदिग्ध कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने शहर कोतवाल को तत्काल निलंबित करने के निर्देश भी दिए। मंत्री के सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी है।

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