महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों को लेकर हल्ला बोल, 50 पैसे से 1 रुपये किलो रहा दाम

खबर सार :-
महाराष्ट्र के संभाजीनगर के प्याज मंडी में महज 125 से 130 रुपये प्रति क्विंटल मिलने पर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। विरोध जताने के लिए प्याज से भरी टेंपो को किसानों ने सड़क पर पलट दिया।
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों को लेकर हल्ला बोल, 50 पैसे से 1 रुपये किलो रहा दाम
खबर विस्तार : -

महाराष्ट्र में इन दिनों किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्याज उत्पादक किसान की पूरे सीजन की मेहनत बर्बाद होते नजर आ रही है। किसानों को बाजार में उचित दाम से काफी कम कीमत मिल रही है। हाल ऐसा है कि 20-30 रुपये किलो मिलने वाला प्याज अब एक रुपये प्रति किलो में बिक रही है। अपनी मेहनत को इस तरह बर्बाद होते देख गुस्साए किसानों ने प्याज से भरे टेंपों को सड़कों पर उड़ेल दिया। संभाजी, नासिक बीड जैसे प्याज उत्पादक महाराष्ट्र के कई प्रमुख जिलों में किसान विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। 

प्याज का भाव मात्र 125 रुपये प्रति क्लिंटल  

छत्रपति संभाजीनगर की गंगापुर कृषि उपज मंडी में प्याज का भाव मात्र 125 रुपये प्रति क्लिंटल मिलने के बाद किसानों में काफी नाराजगी है। सड़क पर प्याज से भरा टैंपो पलटाकर 'रास्ता रोको' आंदोलन कर रहे हैं। अचानक से लगी इस जाम के कारण हाईवे के दोनों तरफ करीब किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिली। लगभग आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। मंडी प्रशासन के इस तरह बर्ताव के खिलाफ किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बाकी के प्रभावित किसानों ने भी इसका समर्थन किया। 

 किसानों के लिए गुजारा करना मुश्किल

मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान विधायक रोहित पवार ने कहा, ''महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के किसानों को प्याज की कीमतों को लेकर बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आज उनका खर्च 18 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि बाजार में कीमत केवल 4 से 5 रुपये प्रति किलोग्राम है। किसानों के लिए अपना गुजारा करना मुश्किल हो गया है।'' इसके साथ ही एक किसान ने दावा करते हुए बताया कि उसे प्याज की फसल के लिए केवल 50 पैसे प्रति किग्रा में बेचना पड़ा। 

 मानसिक परेशानी का सामना 

इस कारण किसानों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीड के अरणवाड़ी इलाके के रहने वाले भास्कर शिंगारे के मुताबिक 22 मई को 602 किलोग्राम प्याज की खेप सोलापुर की कृषि उपज मंडी समिति में बेचने पर केवल 301 रुपये ही मिले। एक और किसान ने बताया कि मजदूरी, परिवहन वगैरह मिलाकर उत्पादन की कुल लागत 1,382 रुपये थी, इसके लिए किसान को अपनी जेब से 1,082 रुपये देना पड़ा। प्याज के दाम घटने के कारण किस्त चुकाने और बाकी कार्य के लिए उसके पास कुछ नहीं बचा है।

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