झांसी: अब घर में नहीं रख सकेंगे दो गैस कनेक्शन, PNG लगते ही वापस करना होगा LPG सिलेंडर

खबर सार :-
झांसी में पीएनजी गैस कनेक्शन को लेकर नए नियम लागू। अब एक ही घर में पीएनजी और एलपीजी दोनों नहीं रह सकेंगे। जानिए कैसे करना होगा एलपीजी सरेंडर और क्या है आवेदन की प्रक्रिया।

झांसी: अब घर में नहीं रख सकेंगे दो गैस कनेक्शन, PNG लगते ही वापस करना होगा LPG सिलेंडर
खबर विस्तार : -

 झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी महानगर में रसोई गैस की व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार और पीएनजी नियामक बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अब उपभोक्ताओं को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और एलपीजी (सिलेंडर) में से किसी एक को ही चुनना होगा। नए नियमों के अनुसार, जिन घरों में पीएनजी का कनेक्शन लग चुका है, उन्हें अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन अनिवार्य रूप से सरेंडर करना होगा।

 पीएनजी की बढ़ती मांग और बदलती तस्वीर

कुछ साल पहले जब झांसी में पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई जा रही थी, तब लोगों में इसे लेकर खास उत्साह नहीं था। गैस कंपनियां घर-घर जाकर लोगों को कनेक्शन के फायदे समझा रही थीं। लेकिन वर्तमान में कुकिंग गैस की किल्लत और सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतों के बीच, जनता का रुख पूरी तरह बदल गया है। अब लोग पीएनजी कनेक्शन पाने के लिए लंबी कतारों में लगे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, शहर में प्रतिदिन 150 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन लग रहे हैं।

 9000 उपभोक्ताओं पर गिरेगी गाज, सूची हुई तलब

झांसी महानगर के प्रथम चरण में नंदनपुरा और आवास विकास जैसे क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है। यहाँ लगभग 9000 घरों में पीएनजी की आपूर्ति शुरू हो गई है। पीएनजी नियामक बोर्ड ने अब इन सभी उपभोक्ताओं की सूची जिला प्रशासन से साझा करने की तैयारी कर ली है। जिला आपूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल के अनुसार, "नियम बहुत स्पष्ट है; एक ही छत के नीचे पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन रखना अब मुमकिन नहीं होगा। पीएनजी धारकों को अपना एलपीजी कनेक्शन वापस करना ही होगा। इसके लिए प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।"

क्या पीएनजी लेना अनिवार्य है?

अक्सर उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल रहता है कि क्या उन्हें अनिवार्य रूप से पीएनजी कनेक्शन लेना ही होगा, लेकिन अधिकारियों ने इस भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि पीएनजी अपनाना पूरी तरह से उपभोक्ता की निजी इच्छा पर निर्भर करता है। यदि कोई व्यक्ति पाइपलाइन वाली गैस नहीं लेना चाहता, तो वह अपने पुराने एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन को पहले की तरह जारी रख सकता है। हालांकि, नियम में एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि यदि आपने एक बार पीएनजी का विकल्प चुन लिया और आपके घर में पाइपलाइन कनेक्शन लग गया, तो आपको अपना पुराना सिलेंडर वाला कनेक्शन सरेंडर करना ही होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य गैस की उपलब्धता बढ़ाना और एक ही घर में दोहरे कनेक्शन को रोकना है, जिसके लिए गैस कंपनियों और स्थानीय वितरकों को पहले ही कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

कैसे करें नए PNG कनेक्शन के लिए आवेदन?

यदि आप भी अपने घर में पीएनजी गैस का कनेक्शन लगवाना चाहते हैं, तो इसकी आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और बेहद सरल हो गई है। सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके क्षेत्र या मोहल्ले में गैस पाइपलाइन बिछ चुकी है और सेवा उपलब्ध है। इसके बाद, आपको अपने स्मार्टफोन पर 'सीयूजीएल केयर' (CUGL Care) ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप इंस्टॉल करने के बाद अपने मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण करें और लॉगिन की प्रक्रिया पूरी करें। नए कनेक्शन के विकल्प को चुनकर वहां मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी भरें। आवेदन के साथ आपको अपने पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र की स्व-सत्यापित प्रतियां डिजिटल रूप में अपलोड करनी होंगी। अंत में, सभी विवरणों की जांच कर अपना आवेदन जमा कर दें, जिसके बाद विभाग द्वारा आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

 प्रशासन का दावा: जिले में नहीं है गैस की कमी

भले ही लोग पीएनजी की ओर भाग रहे हों, लेकिन प्रशासन का दावा है कि एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है। सौम्या अग्रवाल ने बताया कि जिले की सभी एजेंसियों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक विशेष निगरानी टीम का भी गठन किया गया है। किसी भी समस्या की स्थिति में उपभोक्ता गैस कंपनी के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

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