Pilibhit Road Construction Corruption : पीलीभीत में सड़क निर्माण में जमकर किया गया भ्रष्टाचार ठेकेदार ने घटिया सामग्री से किया रोड का निर्माण कार्य

खबर सार :-
Pilibhit Road Construction Corruption : पीलीभीत के बरखेड़ा ब्लॉक में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सीसी सड़क घटिया निर्माण के कारण बार-बार उखड़ गई। ग्रामीणों के विरोध के बाद भी ठेकेदार और अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई।

Pilibhit Road Construction Corruption : पीलीभीत में सड़क निर्माण में जमकर किया गया भ्रष्टाचार ठेकेदार ने घटिया सामग्री से किया रोड का निर्माण कार्य
खबर विस्तार : -

Pilibhit Road Construction Corruption  : जनपद में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत कराए गए सड़क निर्माण कार्य ने भ्रष्टाचार (Pilibhit Road Construction Corruption) की परतें खोलकर रख दी हैं। बरखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत दियोरा से मधैया आमडार तक बनाई गई सीसी सड़क गुणवत्ता की कसौटी पर पूरी तरह फेल साबित हुई है। हालात यह रहे कि सड़क बनने के कुछ ही दिनों के भीतर जगह-जगह से उखड़ने लगी, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में मानकों को ताक पर रखकर बेहद घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। सड़क पर सिर्फ नाम मात्र की लीपापोती कर कार्य पूरा दिखा दिया गया। नतीजा यह हुआ कि सीसी रोड पपड़ी की तरह उछलने लगी और बजरी अपने आप बाहर आने लगी। हालात इतने खराब हो गए कि ग्रामीणों ने अपने हाथों से सड़क उखाड़कर उसकी पोल खोल दी। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क की जर्जर हालत साफ देखी जा सकती है।

सड़क के उखड़ने के बाद ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। जब मामला स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा, तब जाकर अधिकारियों ने ठेकेदार को सड़क की मरम्मत के निर्देश दिए। इसके बाद ठेकेदार ने दोबारा मरम्मत कार्य शुरू कराया, लेकिन यह सुधार भी केवल दिखावा साबित हुआ। मरम्मत के महज दस दिन के भीतर ही सड़क की हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई और बजरी फिर से उखड़ने लगी। ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण का टेंडर बरेली जिले के रहने वाले अजय नामक ठेकेदार को मिला था। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी इंजीनियर की नियमित निगरानी नहीं हुई। न तो तकनीकी मानकों का पालन किया गया और न ही गुणवत्ता की जांच की गई। यही वजह रही कि दो बार निर्माण और मरम्मत के बावजूद सड़क टिक नहीं सकी।

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि एक सीसी रोड, जिसे वर्षों तक चलना चाहिए था, वह कुछ ही दिनों में पूरी तरह जवाब दे गई। सवाल यह उठता है कि आखिर दो बार निर्माण के बाद भी सड़क क्यों उखड़ती रही और जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि इस सीसी रोड के निर्माण की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं, और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क का निर्माण दोबारा उच्च गुणवत्ता से कराया जाए और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।

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