स्वर्गीय जोता राम विधानी की 14वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित, समाज सेवा के आदर्शों को किया याद

खबर सार :-
कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय जोता राम विधानी की स्मृति में दादा हेमराजमल साहब सेवा समिति द्वारा भगवान झूलेलाल मंदिर में एक जंबो कूलर भेंट किया गया। ग्रीष्म ऋतु में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए इस कार्य की उपस्थित समाजजनों ने सराहना की।
स्वर्गीय जोता राम विधानी की 14वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित, समाज सेवा के आदर्शों को किया याद
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: स्थानीय नाथद्वारा सराय स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर में रविवार शाम दादा हेमराजमल साहब सेवा समिति के तत्वावधान में सिंधी समाज के वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रेरणास्रोत स्वर्गीय जोता राम विधानी की 14वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थित होकर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।

श्रद्धांजलि सभा का वातावरण पूरी तरह श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता की भावना से ओतप्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय विधानी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज सेवा, परोपकार और मानव कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

अर्पित किए श्रद्धासुमन

सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने स्वर्गीय जोता राम विधानी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष, समाज के प्रति समर्पण और सेवा भावना को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के उत्थान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए समर्पित कर दिया था।

समिति के महामंत्री हरीश सखरानी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय जोता राम विधानी सिंध की उस गौरवशाली परंपरा के प्रतिनिधि थे, जिसमें सेवा, संस्कार और समाजहित सर्वोपरि माने जाते हैं। उन्हें अपनी माता अम्मा भंभुल देवी एवं पिता स्वर्गीय लधा राम विधानी से मिले संस्कारों ने समाज के प्रति समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा दी। यही कारण रहा कि वे जीवनभर समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और विकास के लिए सक्रिय रहे।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय विधानी केवल एक समाजसेवी ही नहीं बल्कि एक कुशल संगठनकर्ता और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता भी थे। उन्होंने समाज की अनेक संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर रहकर सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को मजबूत किया। उनके प्रयासों से समाज के अनेक लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिली।

समिति के उपाध्यक्ष महेश खोतानी ने कहा कि स्वर्गीय विधानी के पुत्र एवं समिति के अध्यक्ष गुलशन कुमार विधानी अपने पिता के आदर्शों और मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए लगातार समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवार वर्षों से सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की परंपरा को निभाता आ रहा है और भविष्य में भी समाजहित के कार्यों को इसी समर्पण के साथ जारी रखेगा।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल मंदिर के महंत टेऊं राम भगत द्वारा स्वर्गीय विधानी के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। अपने संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि स्वर्गीय जोता राम विधानी का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, विनम्र और सेवाभावी था। वे अपने परिवार से अधिक समाज को महत्व देते थे और हमेशा समाजहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते थे। उनकी कार्यशैली और समर्पण आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

संगठन मंत्री नानक राम जेठानी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय जोता राम विधानी जैसा व्यक्तित्व विरले ही जन्म लेता है। सिंधी समाज स्वयं को सौभाग्यशाली मानता है कि उसे ऐसा कर्मयोगी समाजसेवी मिला जिसने अपना संपूर्ण जीवन समाज के कल्याण और उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि समाज उनके योगदान को कभी भुला नहीं सकता।

श्रद्धांजलि सभा में मंघा राम भगत, राजकुमार केसवानी, गोर्धन जेठानी, अशोक केवलानी, कालू भगत, जगदीश नंदवानी, पवन ठाकुर, सतीश सोनी, मुकेश खोतानी, राजकुमार ठारवानी, लच्छू भाई, रोहित चीजनदास फतनानी, सतीश माखीजा, तुलसी निहालानी, डॉ. ली डॉडवानी, जितेंद्र कुमार, परमानंद तनवानी, लेखराज सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वर्गीय जोता राम विधानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य व्यक्ति के जाने के बाद भी उसे लोगों के दिलों में जीवित रखते हैं। स्वर्गीय जोता राम विधानी का जीवन इसी प्रेरणा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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