लखनऊ, पूरे बिहार में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है और इसके लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में ही बिहार घूमकर लौटे हैं। अब उनके सहयोगी दल के नेता कटाक्ष कर रहे हैं। इनमें जीतन राम मांझी का नाम सामने आया है। यद्यपि चिराग पासवान ने अभी मुंह नही खोला है। तेजस्वी यादव की जमाई आयोग की मांग पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उन्हें अपने तरीके से समझा दिया। तंज कसते हुए कहा कि बेटे और दामाद दो तरह के होते हैं। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसीलिए सभी दलों के लोग यहां सक्रिय हुए हैं। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमाई आयोग की मांग कर डाली। इससे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उत्तर दिया और कहा कि एक लायक, दूसरा नालायक। बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए सभी दलों के लोग यहां सक्रिय हो गए हैं। जनता के बीच भी यह जा रहे हैं और एक दूसरे की खिंचाई भी कर रहे हैं।
मांझी ने तेजस्वी को घेरते हुए कहा कि क्रिकेट में फेल हुए तो उनके पिता अपने नालायक बेटे को राजनीति में ले आए। उन्होंने बात यहीं नहीं रोकी, कहा कि बिहार के विभिन्न आयोग में सत्ता पक्ष के कई नेताओं के दामादों को जगह दी गई। दरअसल, विपक्ष इन दिनों सरकार को तमाम मुद्दों पर घेर रहा है, लेकिन उसके तरीकों को लेकर भाजपा ऐतराज कर रही है। इसीलिए अब विचार और सवाल सोशल मीडिया के जरिए किए जा रहे हैं। विभिन्न आयोग और बोर्ड में नेताओं के रिश्तेदारों को शामिल करने पर तेजस्वी यादव ने सवाल उठाए थे। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के दामादों को आयोग में शामिल करने पर सवाल कि थे। तेजस्वी ने यह बात मांझी को याद दिलाई।
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