भारत-सेशेल्स रिश्तों में नया अध्याय: राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी पांच दिवसीय राजकीय दौरे पर आएंगे भारत

खबर सार :-
राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का भारत दौरा न केवल भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्षों का प्रतीक है, बल्कि भविष्य की रणनीतिक साझेदारी की नींव भी रखता है। यह यात्रा समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग और ग्लोबल साउथ में साझा हितों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

भारत-सेशेल्स रिश्तों में नया अध्याय: राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी पांच दिवसीय राजकीय दौरे पर आएंगे भारत
खबर विस्तार : -

Seychelles President visit India: हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के तहत सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी गुरुवार से भारत के पांच दिवसीय राजकीय दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है और 10 फरवरी तक चलेगा। खास बात यह है कि राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा है।

राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात, पीएम मोदी संग द्विपक्षीय वार्ता

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत प्रवास के दौरान राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी विस्तृत द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों में भारत-सेशेल्स संबंधों की समग्र समीक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग, विकास साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष, यात्रा को मिला ऐतिहासिक महत्व

यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। वर्ष 1976 में सेशेल्स की स्वतंत्रता के बाद दोनों देशों के बीच औपचारिक संबंध स्थापित हुए थे। इस स्वर्ण जयंती वर्ष में राष्ट्रपति हर्मिनी का दौरा द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा और गति देने वाला माना जा रहा है।

चेन्नई और मुंबई में व्यावसायिक कार्यक्रमों में भागीदारी

राष्ट्रपति हर्मिनी अपने भारत दौरे के दौरान नई दिल्ली के अलावा चेन्नई और मुंबई का भी दौरा करेंगे। इन शहरों में वे विभिन्न व्यावसायिक और निवेश से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान व्यापार, पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी और इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग को लेकर अहम पहल हो सकती हैं।

हिंद महासागर में भारत का अहम साझेदार है सेशेल्स

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है। भारत की ‘विजन महासागर’ पहल और ग्लोबल साउथ के प्रति प्रतिबद्धता में सेशेल्स का विशेष स्थान है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सतत विकास जैसे विषयों पर करीबी सहयोग करते रहे हैं।

उपराष्ट्रपति की सेशेल्स यात्रा के बाद बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता

राष्ट्रपति हर्मिनी की यह यात्रा अक्टूबर 2025 में भारत के उपराष्ट्रपति की सेशेल्स यात्रा के बाद हो रही है। विदेश मंत्रालय का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच सहयोग और लोगों के बीच संपर्क को और मजबूती मिलेगी। हाल के वर्षों में उच्चस्तरीय दौरों से द्विपक्षीय रिश्तों में निरंतर प्रगति देखी गई है।

शपथ ग्रहण समारोह में भारत की मजबूत मौजूदगी

गौरतलब है कि पैट्रिक हर्मिनी ने अक्टूबर 2025 में यूनिटी स्टेडियम में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में सेशेल्स के छठे राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इस अवसर पर भारत की ओर से उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भाग लिया था, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक माना गया।

शांति, स्थिरता और समृद्धि पर साझा दृष्टिकोण

शपथ ग्रहण के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में राष्ट्रपति हर्मिनी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र और ग्लोबल साउथ में शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा दृष्टिकोण को दोहराया। इसके अलावा सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले के साथ भी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

चार दशक से अधिक पुराना भरोसेमंद रिश्ता

भारत और सेशेल्स के रिश्ते साझा विरासत, संस्कृति और मजबूत जन-जन के संपर्क पर आधारित हैं। भारत ने 1979 में विक्टोरिया में अपना मिशन स्थापित किया था, जबकि सेशेल्स ने 2008 में नई दिल्ली में स्थायी मिशन खोला। रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण में भारत की भूमिका सेशेल्स में लगातार मजबूत हुई है।

अन्य प्रमुख खबरें