Waqf Bill Controversy: बिहार में इस समय सियासत गरमाई हुई है। भले ही विधानसभा चुनाव का बिगुल अभी बजा नहीं है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी जोरों पर है। इसी क्रम में वोटर लिस्ट को नए सिरे से तैयार करने और वक्फ कानून को लेकर सत्ताधारी और विपक्षी दल एक-दूसरे पर हमलावर हैं।
दरअसल बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम व आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने रविवार को वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंकने वाला बयान दिया था। जिस पर पलटवार करते हुए राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। तेजस्वी यादव के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो वक्फ संशोधन अधिनियम हटा दिया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में कहा कि तेजस्वी यादव आज भी उस 50 साल पुरानी सोच में फंसे हुए हैं, जहां संविधान को कूड़ेदान में फेंकने की बात कही जाती थी। तेजस्वी को संसद और न्यायपालिका का सम्मान करना नहीं आता। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्याय आपातकाल के 50 साल पूरे हुए, लेकिन यह बहुत दुख की बात है कि पटना के उसी गांधी मैदान में, जहां आपातकाल के दौरान लाखों लोग संविधान की रक्षा और संविधान के सम्मान के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना जुटे थे, कल एक रैली हुई जिसमें तेजस्वी यादव ने कहा कि संसद के कानून (वक्फ बोर्ड एक्ट) को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा। जबकि यह कानून दोनों सदनों से पारित हो चुका है और कोर्ट में लंबित है। इसका मतलब यह है कि न तो संसद का सम्मान है और न ही न्यायपालिका का।
सुधांशु ने कहा कि वोट बैंक की चाह में भारतीय गठबंधन के सहयोगी तेजस्वी यादव ने जो कुछ कहा है, उससे साफ है कि वह संविधान को कूड़ेदान में फेंकने की मानसिकता से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुरान में वक्फ जैसा कोई शब्द नहीं है। यह मुल्ला-मौलवियों द्वारा बनाया गया शब्द है। इस्लाम आपको खर्च करना, देना सिखाता है, रखना या जमा करना नहीं।
फिर भी आप जमाखोरी कहते हैं? यह बाबा साहब के संविधान का मजाक उड़ाने के अलावा और कुछ नहीं है। यह उसे धर्मनिरपेक्ष दस्तावेज से मौलवियों की स्क्रिप्ट में बदलने की कोशिश है। भाजपा सांसद त्रिवेदी ने कहा कि इन समाजवादियों को अल्पसंख्यकों की भी परवाह नहीं है। मुल्ला-मौलवियों के आगे सिर झुकाकर ये 'समाजवाद' को 'नमाजवाद' में बदलना चाहते हैं। ये लोग सच्चे नमाजवादी हैं।
दरअसल तेजस्वी ने कहा था कि नवंबर में बिहार में गरीबों की सरकार बनेगी, और वह वक्फ कानून को खत्म कर देगी। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश एक व्यक्ति के बलिदान से नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के बलिदान से आजाद हुआ है। कोई भी यह न समझे कि देश उसकी निजी संपत्ति है।
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