अमेरिका में पाकिस्तान की लॉबिंग तेज, लाखों डॉलर खर्च कर वॉशिंगटन में बनाई जा रही पकड़

खबर सार :-
अमेरिका में पाकिस्तान की बढ़ती लॉबिंग गतिविधियां उसके कूटनीतिक एजेंडे को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। लाखों डॉलर खर्च कर कांग्रेस, थिंक टैंक और मीडिया तक पहुंच बनाना पाकिस्तान की रणनीतिक प्राथमिकताओं को उजागर करता है। खासतौर पर कश्मीर और भारत-पाक संबंधों पर अमेरिकी नीति को प्रभावित करने की कोशिशें क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती हैं।

अमेरिका में पाकिस्तान की लॉबिंग तेज, लाखों डॉलर खर्च कर वॉशिंगटन में बनाई जा रही पकड़
खबर विस्तार : -

Pakistan US Relation: पाकिस्तान दुनिया भर में बदनाम हो चुका है। वह अपने व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देने और  मृतप्राय हो चुकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिशें लगातार कर रहा है। पाकिस्तान को अच्छी तरह पता है कि एशिया में शक्ति संतुलन के लिए अमेरिका उसका साथ जरूर देगा। इसलिए वह अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूती देने में जुट गया है। अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत दाखिल ताजा दस्तावेजों से पता चलता है कि पाकिस्तान ने अमेरिका में अपनी लॉबिंग और जनसंपर्क गतिविधियों को तेज कर दिया है। इन दस्तावेजों में पाकिस्तान सरकार और उससे जुड़े संगठनों द्वारा किए गए लाखों डॉलर के भुगतान और समझौतों का विवरण सामने आया है। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी कांग्रेस, एग्जीक्यूटिव ब्रांच, थिंक टैंकों और मीडिया संस्थानों तक प्रभावी पहुंच बनाना है।

थिंक टैंक के जरिए रणनीतिक निवेश

दस्तावेजों के अनुसार, इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अमेरिका में लॉबिंग और जननीति से जुड़े कार्यों के लिए करीब नौ लाख डॉलर का भुगतान किया है। यह संस्थान पाकिस्तान स्थित एक थिंक टैंक है, जिसका संबंध पाकिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी डिवीजन से बताया जाता है। इस निवेश के जरिए अमेरिका में पाकिस्तान के नीतिगत पक्ष को मजबूती से रखने की कोशिश की जा रही है।

हाइपरफोकल कम्युनिकेशंस की भूमिका

अक्टूबर 2024 में हाइपरफोकल कम्युनिकेशंस एलएलसी को इस कार्य के लिए पंजीकृत किया गया। यह कंपनी टीम ईगल कंसल्टिंग एलएलसी के तहत सब-कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम कर रही थी। दस्तावेजों में स्पष्ट किया गया है कि इस पहल का उद्देश्य अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को बेहतर बनाना और द्विपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाना था।

पाक दूतावास के नए समझौते

एक अन्य दस्तावेज के मुताबिक, वाशिंगटन स्थित पाकिस्तान दूतावास ने अक्टूबर 2025 से एर्विन ग्रेव्स स्ट्रैटेजी ग्रुप एलएलसी के साथ एक समझौता किया। इसके तहत शुरुआती तीन महीनों के लिए हर महीने 25 हजार डॉलर का भुगतान तय किया गया। इस समझौते में अमेरिकी संसद सदस्यों, सरकारी अधिकारियों, नीति समूहों और थिंक टैंकों से संपर्क स्थापित करना शामिल है।

कश्मीर से व्यापार तक एजेंडा

इस लॉबिंग एजेंडे में क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और लोकतांत्रिक सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। इसके अलावा व्यापार को बढ़ावा देने, पर्यटन और पाकिस्तान में दुर्लभ खनिजों की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया है। सूचीबद्ध मुद्दों में जम्मू-कश्मीर विवाद और भारत-पाकिस्तान संबंध भी शामिल हैं, जिस पर भारत में विशेष नजर रखी जा रही है।

मीडिया नैरेटिव पर भी फोकस

मई महीने में पाकिस्तान दूतावास ने जनसंपर्क सेवाओं के लिए क़ॉर्विस होल्डिंग इंक को भी नियुक्त किया। इसके तहत मीडिया आउटरीच और नैरेटिव डेवलपमेंट का काम शामिल है। अमेरिकी कानून के अनुसार, विदेशी सरकारों को अपनी लॉबिंग गतिविधियों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य है, जिससे ये जानकारियां सामने आई हैं।

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