वेनेजुएला संकट पर भारत की चिंता, जयशंकर का संवाद और शांति पर जोर

खबर सार :-
वेनेजुएला में उत्पन्न संकट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। भारत ने संतुलित और जिम्मेदार रुख अपनाते हुए संवाद, शांति और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। विदेश मंत्री जयशंकर के बयान से स्पष्ट है कि भारत किसी भी समाधान को मानवीय दृष्टिकोण और कूटनीतिक बातचीत के जरिए आगे बढ़ते देखना चाहता है।

वेनेजुएला संकट पर भारत की चिंता, जयशंकर का संवाद और शांति पर जोर
खबर विस्तार : -

US-Venezuela Tension: लक्जमबर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम पर भारत की स्थिति स्पष्ट की। अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद उत्पन्न स्थिति को भारत ने गंभीर चिंता का विषय बताया है। विदेश मंत्री ने कहा कि इस संवेदनशील दौर में सबसे महत्वपूर्ण है वेनेजुएला के आम नागरिकों की सुरक्षा और भलाई।

भारत ने सभी पक्षों से बातचीत की अपील की

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “हम हालिया घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हम इसमें शामिल सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे आपसी बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकालें, जो वेनेजुएला के लोगों के हित में हो।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संकट का स्थायी समाधान संवाद और आपसी सहमति से ही संभव है।

वेनेजुएला से भारत के ऐतिहासिक संबंध

जयशंकर ने अपने बयान में यह भी याद दिलाया कि भारत और वेनेजुएला के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारत चाहता है कि मौजूदा घटनाक्रम की दिशा चाहे जो भी हो, वेनेजुएला के लोग सुरक्षित रहें और एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ें।” यह बयान दर्शाता है कि भारत न केवल कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना चाहता है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता दे रहा है।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर नजर

इससे पहले विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि काराकास स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय समुदाय के संपर्क में है। मंत्रालय ने कहा कि बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। एमईए के अनुसार, भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए अपने समर्थन की पुनः पुष्टि करता है।

शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत

विदेश मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेद सुलझाएं, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। बयान में कहा गया कि किसी भी तरह की हिंसा या अस्थिरता से आम नागरिकों को सबसे अधिक नुकसान होता है, जिसे हर हाल में टालना चाहिए।

मादुरो की गिरफ्तारी और नई राजनीतिक स्थिति

गौरतलब है कि अमेरिका ने 3 जनवरी को “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” के तहत वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की थी। इस दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया। बाद में अमेरिकी सेना न्यूयॉर्क लौट आई, जहां मादुरो को अदालत में पेश किया गया। वर्तमान में डेल्सी रोड्रिग्ज वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाल रही हैं।

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