नई दिल्लीः आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे प्रमुख राज्यों के लिए चुनाव प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों को भाजपा की चुनावी रणनीति के तहत महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्यों में पार्टी की स्थिति को सुदृढ़ करना और कार्यकर्ताओं को समय रहते सक्रिय करना है।
बिहार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भाजपा का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ दो सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं — सीआर पाटिल, जो केंद्रीय जल शक्ति मंत्री हैं, और केशव प्रसाद मौर्य, जो उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं। यह त्रयी मिलकर बिहार में भाजपा के चुनावी अभियान को नेतृत्व देगी। बिहार विधानसभा चुनाव की संभावना अक्टूबर या नवंबर 2025 में जताई जा रही है, हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जिसमें अभी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास 131 सीटें हैं। इसमें भाजपा के 80 विधायक, जेडीयू के 45, हम (एस) के 4 और 2 निर्दलीय विधायकों का समर्थन शामिल है। धर्मेंद्र प्रधान इससे पहले भी कई राज्यों में भाजपा के लिए चुनावी अभियान की कमान संभाल चुके हैं। उनकी छवि एक कुशल रणनीतिकार की है, जो ग्राउंड लेवल पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने और प्रबंधन में निपुण माने जाते हैं।
हालांकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव 2026 में होने हैं, लेकिन भाजपा अभी से तैयारियों में जुट गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पश्चिम बंगाल का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ बिप्लव कुमार देव, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद, को सह-प्रभारी बनाया गया है। यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने चुनाव से पहले इतने लंबे समय तक की रणनीति बनाई हो। इससे पहले उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में भी भाजपा ने कई महीने पहले ही टीम बनाकर चुनाव अभियान को धार दी थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे।
वहीं, तमिलनाडु, जहां भाजपा अब तक क्षेत्रीय दलों के मुकाबले सीमित प्रभाव रखती है, वहां पार्टी ने बड़ा दांव खेला है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा को तमिलनाडु का प्रभारी और केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह संकेत है कि भाजपा दक्षिण भारत में भी अपने पैर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन तीनों राज्यों में की गई नियुक्तियां न सिर्फ चुनावी तैयारियों की दिशा में एक कदम हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि भाजपा संगठनात्मक स्तर पर कितनी गंभीरता से काम कर रही है। बिहार जैसे राज्य में जहां भाजपा की मजबूत उपस्थिति है, वहीं पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में पार्टी अभी भी अपने पांव जमाने की कोशिश में है। इन नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह समय से पहले तैयारी कर, विपक्ष को चौंकाने की रणनीति अपना रही है।
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