मायावती का बड़ा ऐलान बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा , आकाश आनंद को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

खबर सार :-
Mayawati: लोकसभा चुनाव 2024 के बेहद खराब नतीजों के बाद, मायावती ने एक बार फिर अपनी सक्रियता बढ़ाने की कोशिश की है। क्या बिहार विधानसभा चुनाव में बसपा अच्छा प्रदर्शन कर पाएगी?

मायावती का बड़ा ऐलान बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा , आकाश आनंद को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
खबर विस्तार : -

Mayawati: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में राजनीतिक दल जुटे हुए हैं। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने साफ़ कहा है कि BSP बिना किसी दल से गठबंधन किए अकेले ही बिहार चुनाव लड़ेगी। BSP प्रमुख मायावती ने विधानसभा चुनाव में यात्रा और कार्यक्रम की ज़िम्मेदारी भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, केंद्रीय संयोजक और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और बिहार प्रदेश इकाई को सौंपी है।

मायावती  ने पोस्ट कर दी जानकारी

BSP प्रमुख मायावती ने रविवार को X पर पोस्ट किया कि अगले कुछ महीनों में बिहार विधानसभा के आम चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव में BSP ने पिछले दो दिनों से वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उम्मीदवारों के चयन समेत हर स्तर पर पार्टी की तैयारियों पर गहन चर्चा की है। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने अपने बलबूते चुनाव लड़ने के फ़ैसले के मद्देनज़र आने वाले दिनों में पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों को पूरी सजगता और तन-मन-धन से आगे बढ़ने के निर्देश देते हुए अगले महीने की शुरुआत से शुरू होने वाली पार्टी की यात्रा और जनसभाओं आदि कार्यक्रमों को लेकर विशेष ज़िम्मेदारी भी सौंपी है। सभी कार्यक्रम उनके मार्गदर्शन में होंगे और इसकी विशेष ज़िम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद और केंद्रीय समन्वयक व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम तथा बसपा बिहार प्रदेश इकाई को सौंपी गई है।

पदाधिकारियों को सौंपा बड़ी जिम्म्दारी

बसपा प्रमुख ने कहा कि बिहार एक बड़ा राज्य है। इसीलिए वहां की ज़रूरतों को देखते हुए बैठक में राज्य की सभी विधानसभा सीटों को तीन ज़ोन में बांटकर वरिष्ठ पार्टी सदस्यों को अलग-अलग ज़िम्मेदारी सौंपने का फ़ैसला लिया गया है। बिहार में पार्टी की अपनी तैयारियों के साथ-साथ राज्य की तेज़ी से बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी समीकरणों को देखते हुए, चुनावों में बसपा के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है।

 समीक्षा बैठक के बाद लिया फैसला

उल्लेखनीय है कि इससे पहले पार्टी प्रमुख ने स्वयं ओडिशा और तेलंगाना राज्यों में पार्टी संगठन की तैयारियों और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर जिला से लेकर मतदान केन्द्र स्तर तक समितियों के गठन के संबंध में अलग-अलग समीक्षा बैठकें ली थीं, साथ ही पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए मिशनरी कार्यों के लिए लक्ष्य भी दिए थे।


 

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