आप भी हैं ओवरथिंकिंग के शिकार, समय रहते जानें इसका कारण

खबर सार :-
एक्सपर्ट के अनुसार आज के समय में ज्यादातर लोग ओवरथिंकिंग के शिकार है। बढ़ते काम के प्रेशर और तनाव ने हर एक को अपनी चपेट में ले लिया है। हम अपने बीते हुए कल को लेकर तरह-तरह की बातें सोचने लग जाते हैं और अपने बारे में नकारात्मक विचार करने लगते हैं। इसके बारे में चलिए विस्तार से जानते हैं।

आप भी हैं ओवरथिंकिंग के शिकार, समय रहते जानें इसका कारण
खबर विस्तार : -

Midnight Overthinking: एक्सपर्ट का मानना है कि रात के समय जब हम सो रहे होते हैं, तो दिमाग का एक हिस्सा उस समय ज्यादा एक्टिव रहता है। सलाहकार के अनुसार ये डिफॉल्ट मोड नेटवर्क होता है। इसमें दिमाग अपने बारे में बीते हुए कल या आने वाले कल के बारे में सोचने लग जाता है। जिससे नींद न आने की समस्या बनी रहती है। जिन लोगों को तनाव की समस्या रहती है, उन्हे बार-बार नकारात्मक विचार आने लगते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

दिनभर के काम और भागदौड़ के बाद जब शरीर रात को बिस्तर पर जाता है तो खुद को काफी थका हुआ महसूस करता है। दिमाग में शांति होने के बजाय कई तरह की बातें सोचने पर मजबूर कर देता है। पुराने ख्याल, भविष्य की चिंता और बिना वजह हद से ज्यादा इन्ही बातों में घुमने लगता है। इस कारण नींद न आने की समस्या होती है। एक्सपर्ट के मुताबिक इस तरह की ओवरथिंकिंग अचानक से नहीं होती है बल्कि इसके पीछे दिमाग, शरीर और तनाव से जुड़े कई फेक्टर्स काम करते हैं।

कॉर्टिसोल हार्मोन का क्या काम

अक्सर शरीर रात में सोते समय धीरे-धीरे रिलैक्स होने की कोशिश करता है, लेकिन नींद न आने की समस्या से जूझ रहे लोगों में तनाव सक्रिय हो जाता है। इस दौरान शरीर में कॉर्टिसोल जैसे तनाव वाले हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे शरीर को ऐसा लगता है कि अभी किसी तरह के दबाव में है, जिस कारण नींद नही आती और सोना मुश्किल हो जाता है।

अच्छी नींद के लिए संतुलन जरूरी

अच्छी और सुकून वाली नींद के लिए दिमाग में कुछ केमिकल्स का संतुलन जरूरी होता है। जिनका काम होता है दिमाग को शांत और जगाए रखना, लेकिन जब यह संतुलन बिगड़ता है, तब नींद न आने की समस्या और बेचैनी होती है।नींद न आने की समस्या का सीधा असर दिमाग के उन हिस्सों पर पड़ता है, जो डिसीजन लेने और इमोशन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इस कारण छोटी-सी बात भी बड़ी लगने लगती है। रात में इसका असर काफी तेज हो जाता है।

डेली लाइफ में बदलाव

एक्सपर्ट के मुताबिक रोजना की कुछ आदतें भी इसका कारण हो सकती हैं, इसमें रात में समय पर न सोना, देर रात तक फोन चलाना, शराब की लत इन कारणों शामिल है, जिस कारण ओवरथिंकिग की परेशानी हो सकती है। अगर आप अपने डेली लाइफ में कुछ बदलाव कर लें, जैसे- सोने से पहले फोन न चलाना, रोजाना एक टाईम पर सोना डेली एक्सरसाइज करना और संतुलित आहार लेना। इससे काफी हद तक इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

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