Josh Hazlewood: ऑस्ट्रेलिया की T20 पेस अटैक की नई रीढ़ बनने को तैयार

खबर सार :-
जोश हेजलवुड, ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज, चोट से वापसी के बाद टीम के T20 विश्व कप अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को तैयार हैं। टेस्ट और वनडे के साथ-साथ उनका T20 रिकॉर्ड भी उल्लेखनीय है। वह अपने अनुभव और योजनाबद्ध गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को चुनौती देते हैं, और इस टूर्नामेंट में गेंदबाजी अटैक के नेता बनकर उभरेंगे।

Josh Hazlewood: ऑस्ट्रेलिया की T20 पेस अटैक की नई रीढ़ बनने को तैयार
खबर विस्तार : -

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का नाम आते ही दिमाग में जो तेज गेंदबाजों का खौफनाक तिकड़ी का चित्र उभरता है. पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड. उसमें से अब केवल एक ही खिलाड़ी अगले T20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। कमिंस इस टूर्नामेंट से बाहर हैं, जबकि स्टार्क ने इस फॉर्मेट से अंतरराष्ट्रीय संन्यास ले लिया है। ऐसे में, जोश हेजलवुड न सिर्फ वापसी कर रहे हैं, बल्कि पूरी तरह से स्वस्थ होकर ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक के अनुभवी स्तंभ और नेता के रूप में उभरने को तैयार हैं।

Josh Hazlewood celebrates Suryakumar Yadav's wicket, Australia vs India, 2nd T20I, Melbourne, October 31, 2025

करियर की बुलंदी पर चल रहे अभिषेक शर्मा को भी किया है परेशान

पिछले अक्टूबर में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर भारत के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा के लिए हेजलवुड का सामना एक आंखें खोल देने वाला अनुभव था। गति के अनुकूल पिच पर अभिषेक ने 37 गेंदों में 68 रन की शानदार पारी खेली थी, लेकिन हेजलवुड के सामने वह हैरान रह गए। हेजलवुड ने उस मैच में केवल 13 रन देकर 3 विकेट लिए थे। अभिषेक ने स्वीकार किया, "आज जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजी की, मैंने T20 में ऐसा कुछ नहीं देखा। वह अपनी योजना पर अमल कर रहे थे।" यह टिप्पणी हेजलवुड की गुणवत्ता को रेखांकित करती है।

Josh Hazlewood trains with New South Wales as he recovers from injury, Cricket Central, November 25, 2025

T20 विश्व कप में शानदार वापसी के लिए जी-जान से जुटे हेजलवुड

हालांकि, उस शानदार प्रदर्शन के बाद हेजलवुड को हैमस्ट्रिंग और एड़ी की चोटों ने घेर लिया, जिससे उनका एशेज सीरीज का सपना अधूरा रह गया। उन्होंने खुद माना कि उन्होंने पूरी सीरीज में शायद ही 50 ओवर क्रिकेट देखा होगा। लेकिन पिछले छह हफ्तों से, वह T20 विश्व कप में शानदार वापसी के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं। उनकी रिकवरी का समय कुछ खिसका है, जिसके चलते वह टीम में शामिल होने से पहले कुछ अतिरिक्त दिन घर पर रिहैब पूरा करेंगे। यहां तक कि टूर्नामेंट की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया की टीम केवल 14 खिलाड़ियों के साथ शुरुआत कर सकती है, जैसा कि 2023 के वनडे विश्व कप में ट्रेविस हेड के साथ हुआ था। ऐसा सिर्फ इसलिए, क्योंकि हेजलवुड का इंतजार किया जाना जरूरी है।

Josh Hazlewood and Co celebrate Suryakumar Yadav's wicket, Australia vs India, 2nd T20I, Melbourne, October 31, 2025

ऑस्ट्रेलिया को 2021 के T20 विश्व कप में पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई

दरअसल, हेजलवुड का T20 रिकॉर्ड उनकी टेस्ट और वनडे प्रतिष्ठा के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत और डरावना है। मार्च 2016 से जनवरी 2020 के बीच लगभग चार साल तक इस फॉर्मेट में एक भी मैच न खेलने के बावजूद, उन्होंने शानदार वापसी की है। जनवरी 2020 से लेकर पिछले साल के अंत तक, कम से कम 2000 गेंदें फेंकने वाले 75 तेज गेंदबाजों में, हेजलवुड का औसत (20.44) केवल जसप्रीत बुमराह से पीछे है और इकोनॉमी रेट (7.57) में वह आठवें स्थान पर हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को 2021 के T20 विश्व कप (यूएई) में पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, जहां फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके 16 रन पर 3 विकेट निर्णायक साबित हुए। पिछले साल, वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे, जिन्होंने अपना पहला IPL खिताब जीता।

T20 पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी करने में सक्षम

हेजलवुड खुद मानते हैं कि उनका प्रदर्शन कई सालों से लगातार शानदार रहा है। "मुझे लगता है कि मैं लगभग 12 महीने लगातार खेला, आईपीएल से लेकर चोट लगने तक। उस दौरान मैंने लगभग हर मैच में अच्छा प्रदर्शन किया। मेरी स्थिरता, गेंद की गति, सब कुछ ठीक था," उन्होंने कहा। उनके अनुसार, अनुभव के साथ वह बल्लेबाज से "आधा कदम आगे" रहने की कला सीख जाते हैं, जो T20 जैसे तेज रफ्तार फॉर्मेट में बेहद अहम है। हेजलवुड की खासियत यह है कि वह T20 पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी कर सकते हैं, लेकिन उनके सबसे यादगार प्रदर्शन अक्सर तब आते हैं जब वह एक तरह से 'टेस्ट-मैच मोड' में आ जाते हैं। पिछले साल MCG पर भारत के खिलाफ, कप्तान मिशेल मार्श ने उन्हें लगातार चार ओवर गेंदबाजी करवाई थी, क्योंकि गेंद में हो रही मूवमेंट के कारण वह बेहद खतरनाक थे। वह स्वयं अपने हथियारों के बारे में विनम्र हैं, लेकिन स्वीकार करते हैं कि अनुभव के साथ वह हर परिस्थिति के अनुकूल ढलना जानते हैं—चाहे गति बदलनी हो, यॉर्कर गेंद करनी हो या फील्ड सेटिंग में बदलाव।

Josh Hazlewood struck in the first over, New Zealand vs Australia, 1st T20I, Mount Maunganui, October 1, 2025

 नथन एलिस और जेवियर बार्टलेट के साथ करेंगे आस्ट्रेलियाई गेंदबाजी का नेतृत्व

इस विश्व कप में, ऑस्ट्रेलिया के सभी ग्रुप मैच श्रीलंका में होंगे, जबकि सुपर-8 के मैच भारत में। हेजलवुड को 2022 में श्रीलंका में सफलता का अनुभव है, जहां उन्होंने प्रेमदासा और पल्लेकेले में शानदार गेंदबाजी की थी। वह मानते हैं कि विश्व कप का दबाव स्कोर को थोड़ा नियंत्रित कर सकता है, क्योंकि हर मैच और आउट की कीमत ज्यादा होती है। हालांकि, वह यह भी जानते हैं कि IPL और फ्लैट विकेट्स के दौर में बल्लेबाज कभी भी रुकना नहीं जानते। नए सहयोगियों जैसे नथन एलिस और जेवियर बार्टलेट के साथ, हेजलवुड खुद को गेंदबाजी अटैक का 'लीडर' महसूस करते हैं। उनका मानना है कि T20 फ्रेंचाइजी क्रिकेट के विस्तार के कारण युवा गेंदबाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखना पहले से आसान है, लेकिन अनुभव का कोई विकल्प नहीं है।

Josh Hazlewood produced a superb over to change the game, Australia vs South Africa, 1st T20I, Marrara Oval, Darwin, August 10, 2025

ऑस्ट्रेलिया की T20 गेंदबाजी की रीढ़ बनकर उभरने को तैयार

चोट से वापसी, विश्व कप का दबाव, नई जिम्मेदारियां- इन सबके बीच जोश हेजलवुड एक स्पष्ट संदेश दे रहे हैं। वह सिर्फ टीम में वापसी नहीं कर रहे, बल्कि ऑस्ट्रेलिया की T20 गेंदबाजी की रीढ़ बनकर उभरने को तैयार हैं। उनका रिकॉर्ड और दृष्टिकोण दोनों ही बताते हैं कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, वह मैच पर अपनी छाप छोड़ने का रास्ता ढूंढ ही लेंगे। और यही वजह है कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम उनके पूरी तरह तैयार होने का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रही है।

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