T20 World Cup 2026 India dominance : क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप का महाकुंभ यानी टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने को है, लेकिन टूर्नामेंट की पहली गेंद फेंके जाने से पहले ही टीम इंडिया ने मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली है। आंकड़ों के आईने में देखें तो भारतीय टीम इस समय केवल जीत ही नहीं रही है, बल्कि वह टी20 क्रिकेट खेलने के व्याकरण को भी बदल रही है। अक्टूबर 2023 से अब तक के प्रदर्शन पर नजर डालें तो भारत का 48-8 का अविश्वसनीय जीत-हार का रिकॉर्ड (सुपर ओवर जीत को छोड़कर) उसे दुनिया की बाकी टीमों से कोसों आगे खड़ा करता है।
भारतीय टीम की इस सफलता के पीछे 'फियरलेस' बैटिंग अप्रोच है। पिछले कुछ समय में भारत ने 62 मैचों में रिकॉर्ड 20 बार 200 या उससे अधिक का स्कोर बनाया है। तुलनात्मक रूप से देखें तो वेस्टइंडीज जैसी पावर-हिटिंग टीम भी 61 मैचों में केवल 13 बार यह कारनामा कर पाई है। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भारत ने 12.35 की रन रेट से रन बनाए, जो किसी भी टॉप टीम के खिलाफ ऐतिहासिक है। भारत की असली ताकत उसकी 'छक्के लगाने की आवृत्ति' (Six-hitting frequency) में छिपी है। वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल भारतीय खिलाड़ी हर 10.99 गेंदों पर एक छक्का जड़ रहे हैं, जो विश्व में सर्वश्रेष्ठ है।

भारतीय बल्लेबाजी की इस नई धमक के केंद्र में युवा सनसनी अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) हैं। अक्टूबर 2023 से अब तक अभिषेक ने सभी टी20 मैचों में कुल 249 छक्के लगाए हैं। उनकी छक्के लगाने की दर (6.78 गेंद प्रति छक्का) और 200 से अधिक का स्ट्राइक रेट उन्हें इस टूर्नामेंट का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाता है। उन्होंने अकेले चार बार एक पारी में 10 या उससे ज्यादा छक्के जड़े हैं, जो दुनिया की किसी भी अन्य टीम के पूरे स्क्वाड के संयुक्त आंकड़े से भी ज्यादा है। उनके साथ ईशान किशन, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी इस बल्लेबाजी क्रम को 'बुलेटप्रूफ' बनाते हैं।

हालांकि भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन न्यूजीलैंड के फिन एलेन (Finn Allen) और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस (Dewald Brevis) जैसे खिलाड़ी भारत के दबदबे को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। फिन एलेन ने भी 6.89 की दर से 179 छक्के उड़ाए हैं, वहीं 'बेबी एबी' के नाम से मशहूर ब्रेविस हर आठ गेंद के भीतर एक छक्का मारने की क्षमता रखते हैं।

असली मुकाबला तब होगा जब ये पावर-हिटर्स एशियाई पिचों पर भारत के स्पिन जाल और सटीक गेंदबाजी का सामना करेंगे। ऑस्ट्रेलियाई खेमे में ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) और टिम डेविड (Tim David) जैसे नाम जरूर हैं, लेकिन भारत की तुलना में उनका निरंतरता का ग्राफ थोड़ा नीचे है।

ऑस्ट्रेलियाई स्क्वाड का प्रति छक्का दर 11.91 है, जो भारत से लगभग एक गेंद पीछे है। टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में एक गेंद का यह अंतर हार और जीत के बीच की बड़ी खाई बन सकता है।

जिस तरह से भारतीय बल्लेबाज 271 जैसे विशाल स्कोर खड़ा कर रहे हैं या 154 जैसे लक्ष्यों को महज 10 ओवरों में हासिल कर रहे हैं, उसे देखते हुए विपक्षी गेंदबाजों के लिए रणनीति बनाना एक दुस्वप्न जैसा होगा।

संजू सैमसन (Sanju Samson) की मौजूदा खराब फॉर्म के बावजूद भारत का मध्यक्रम इतना गहरा है कि रिंकू सिंह (Rinku Singh) और हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) जैसे फिनिशर किसी भी लक्ष्य को छोटा साबित कर सकते हैं।

अगले एक महीने तक दुनिया की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या कोई टीम भारत के इस 'सिक्स-हिटिंग' तूफान को रोकने का साहस जुटा पाएगी।