Richie Richardson : एंटीगुआ (Antigua) की धरती पर 12 जनवरी 1962 को जन्मे रिची रिचर्डसन (Richie Richardson) सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं थे, बल्कि वेस्टइंडीज क्रिकेट (West Indies Cricket) की उस पीढ़ी का प्रतीक थे, जो मैदान पर आत्मविश्वास, आक्रामकता और कलात्मक बल्लेबाज़ी के लिए जानी जाती थी। अपने चरम पर रिचर्डसन एक शानदार खिलाड़ी थे, उनकी स्क्वायर-ड्राइविंग खासकर देखने लायक होती थी। रिचर्डसन विश्व क्रिकेट में अलग पहचान रखते थे। हालांकि मैदान पर उनका अंदाज़ बेहद आत्मविश्वासी और जोशीला दिखता था, लेकिन निजी जीवन में वे स्वभाव से संकोची और अंतर्मुखी व्यक्ति थे। यही विरोधाभास उनके व्यक्तित्व को और भी रोचक बनाता है। बतौर कप्तान उन्हें उस दौर में वेस्टइंडीज टीम की ज़िम्मेदारी मिली, जब उसका स्वर्णिम युग ढलान की ओर था। इस दबाव ने उनके खेल और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला।

रिची रिचर्डसन ने अपने करियर में 86 टेस्ट मैचों में 16 शतक लगाए। उनका पहला टेस्ट शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बारबाडोस के ब्रिजटाउन में नाबाद 131 रन के रूप में आया। इसके बाद उसी सीरीज़ में सेंट जॉन्स में खेली गई पारी 154 रन की रही। यह 1984 की वह ऐतिहासिक सीरीज़ थी, जिसमें वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) को 3-0 से क्लीन स्वीप किया। इसके तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए वेस्टइंडीज के लिए रिचर्डसन ने ब्रिस्बेन टेस्ट में 138 रन बनाकर फिर से अपनी क्लास साबित की। भारत (India) के खिलाफ भी उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा, जहां उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में लगभग 60 की औसत से रन बनाए। हालांकि उनके कुल टेस्ट रनों का एक बड़ा हिस्सा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया, और संयोग से उनका आखिरी टेस्ट शतक भी ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध ही 1994-95 में जमैका में आया। लेकिन वह मैच वेस्टइंडीज के लिए यादगार नहीं रहा, क्योंकि उसी दौरान टीम का ताज उतरने लगा था।

रिची रिचर्डसन (Richie Richardson) की कप्तानी का समय आसान नहीं था। 1996 विश्व कप (1996 World Cup) में केन्या (Kenya) के हाथों वेस्टइंडीज (West Indies) की शर्मनाक हार ने पूरी क्रिकेट दुनिया को चौंका दिया। उस दौर में टीम का मनोबल गिर चुका था और महान वेस्टइंडीज टीम धीरे-धीरे इतिहास बनती जा रही थी। इस संक्रमण काल में नेतृत्व करना रिचर्डसन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। भले ही उनका कप्तानी काल आलोचनाओं से भरा रहा हो, लेकिन एक बल्लेबाज़ के रूप में रिची रिचर्डसन की विरासत अमर है। उनका आत्मविश्वास, शैली और मैदान पर उपस्थिति आज भी युवा कैरेबियाई क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है।