Sanju Samson Replace Rinku Singh IND vs ZIM : एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) की दूधिया रोशनी में जब भारतीय टीम अभ्यास के लिए उतरी, तो सबकी निगाहें एक ही खिलाड़ी पर टिकी थीं- संजू सैमसन। आगामी 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण सुपर-8 मुकाबले से पहले भारतीय खेमे में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। धाकड़ फिनिशर रिंकू सिंह पारिवारिक आपात स्थिति (Family Emergency) के कारण स्वदेश लौट चुके हैं, जिससे मध्यक्रम में एक बड़ा स्थान खाली हो गया है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या गौतम गंभीर और रोहित शर्मा की जोड़ी संजू सैमसन के रूप में एक 'दाएं हाथ के योद्धा' को मैदान में उतारेगी?
रिंकू सिंह के लिए यह टूर्नामेंट अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। ग्रुप स्टेज की पिछली पांच पारियों में उनका बल्ला खामोश रहा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में मिली 76 रनों की करारी शिकस्त के दौरान रिंकू खाता भी नहीं खोल पाए थे। अब उनके अचानक घर लौटने से टीम प्रबंधन के सामने प्लेइंग-इलेवन के संतुलन को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है। रिंकू की गैरमौजूदगी में भारत के पास संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव (नंबर 3 के लिए) जैसे विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, मंगलवार के अभ्यास सत्र ने संकेत दिए हैं कि संजू सैमसन इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
चेपॉक के नेट्स पर संजू सैमसन ने काफी लंबा समय बिताया। मुख्य कोच गौतम गंभीर की पैनी नजरों के सामने संजू ने अपनी तैयारियों को पुख्ता किया। अभ्यास के दौरान जब अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज ने शॉर्ट-पिच और बैक-ऑफ-लेंथ गेंदें फेंकी, तो संजू ने अपने सिग्नेचर पुल शॉट से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। संजू के एक कड़क शॉट ने तो बाउंड्री लाइन पर खड़े कैमरामैनों को भागने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, गुड-लेंथ गेंदों पर उनके फुटवर्क में थोड़ी झिझक दिखी, जो न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में भी उनकी कमजोरी बनी थी। लेकिन जैसे ही स्पिनर्स की बारी आई, संजू अपने पुराने रंग में लौट आए। उन्होंने मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की गेंद पर आगे बढ़कर कवर्स के ऊपर से जो छक्का जड़ा, उसने स्टैंड्स में मौजूद प्रशंसकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
भारतीय शीर्ष क्रम में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार है। विपक्षी टीमें अक्सर इनके सामने ऑफ-स्पिनर्स (जैसे सलमान आगा या एडेन मार्करम) का इस्तेमाल कर भारत को मुश्किल में डालती रही हैं।
संजू सैमसन की टीम में वापसी न केवल मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि इसके कई रणनीतिक फायदे भी देखने को मिल सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण पहलू राइट-लेफ्ट कॉम्बिनेशन का है; संजू के आने से मध्यक्रम में दाएं हाथ का एक ठोस विकल्प मिलेगा, जिससे विपक्षी कप्तान के लिए प्रभावी गेंदबाजी रोटेशन और फील्ड सेट करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। इसके अलावा, चेपॉक की विशिष्ट काली मिट्टी वाली पिच पर, जहाँ गेंद रुककर आती है, संजू की स्पिन खेलने की असाधारण काबिलियत टीम के लिए एक 'एक्स-फैक्टर' साबित हो सकती है। वह स्पिनर्स के खिलाफ बड़े शॉट्स खेलने और स्ट्राइक रोटेट करने में माहिर हैं, जो मध्य ओवरों में रनों की गति बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। साथ ही, संजू एक कुशल विकेटकीपिंग बैकअप भी प्रदान करते हैं। उन्होंने फील्डिंग कोच टी. दिलीप के मार्गदर्शन में कीपिंग का जो गहन अभ्यास किया है, वह उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है और टीम को मैदान पर एक अतिरिक्त सुरक्षा चक्र प्रदान करता है।
चेपॉक की जिस पिच पर यह मैच खेला जाना है, वह वही काली मिट्टी की सतह है जिस पर 8 फरवरी को अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड का मुकाबला हुआ था। हालांकि उस मैच में राशिद खान और मिशेल सेंटनर को बहुत अधिक टर्न नहीं मिला था, लेकिन गेंद रुककर आ रही थी। ऑलराउंडर अक्षर पटेल, जो पिछले दो मैचों से बाहर थे, ने नेट्स पर जमकर पसीना बहाया। उन्होंने न केवल गेंदबाजी की बल्कि बल्लेबाजी में भी बड़े शॉट्स लगाए। काली मिट्टी की पिच पर ग्रिप मिलने की संभावना को देखते हुए अक्षर को प्लेइंग-इलेवन में शामिल किया जा सकता है।
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा अपनी कलाई की स्पिन और छुपी हुई गेंदों के लिए जाने जाते हैं। भारतीय बल्लेबाजों ने मंगलवार को एक स्थानीय मिस्ट्री स्पिनर के खिलाफ अभ्यास किया, जो रजा की तरह गेंद को पीछे छुपाकर फेंकता है। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने वाशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती की गेंदों पर टर्न के खिलाफ खुद को परखा। सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम प्रबंधन शीर्ष क्रम में बदलाव पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत भारत के लिए सेमीफाइनल की राह आसान कर देगी। इसके बाद भारत को 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज से भिड़ना है। यदि भारत सेमीफाइनल में पहुंचता है, तो मैच 5 मार्च को मुंबई में होगा। परंतु, यदि मुकाबला पाकिस्तान से होता है, तो यह 4 मार्च को कोलंबो में खेला जाएगा। चेपॉक में संजू सैमसन के प्रति प्रशंसकों का उत्साह और नेट्स पर उनका प्रदर्शन इस बात की गवाही दे रहा है कि 'चेन्नई का नया सुपर किंग' (IPL संदर्भ में) नीली जर्सी में धमाल मचाने के लिए तैयार है। क्या संजू इस मौके को भुना पाएंगे? इसका फैसला गुरुवार की शाम चेन्नई के मैदान पर होगा।