T20 World Cup Super 8 Scenarios: टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में ग्रुप 1 की जंग अब बेहद रोमांचक मोड़ पर आ गई है। दक्षिण अफ्रीका के हाथों भारत की बड़ी हार और जिम्बाब्वे पर वेस्टइंडीज की धमाकेदार जीत ने पूरे समीकरण को उलझा दिया है। अब इस ग्रुप में शामिल चारों टीमों के लिए सेमीफाइनल के दरवाजे खुले हैं, लेकिन भारत के लिए राह अब कांटों भरी नजर आ रही है। खराब नेट रन रेट (NRR) ने टीम इंडिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
आइए विस्तार से समझते हैं कि ग्रुप 1 की चारों टीमों के लिए आगे का गणित क्या कहता है और भारत को सेमीफाइनल का टिकट कटाने के लिए क्या चमत्कार करना होगा।
भारतीय टीम ने सुपर-8 की शुरुआत बेहद निराशाजनक तरीके से की है। एक मैच के बाद भारत के पास शून्य अंक हैं और उनका रन रेट -3.80 है, जो काफी खराब माना जा रहा है। अब भारत के पास केवल दो मैच बचे हैं-जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ।
यदि भारतीय टीम अपने अगले दोनों मुकाबले जीत लेती है, तो उसके पास कुल 4 अंक हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में भारत के सेमीफाइनल में पहुँचने की उम्मीदें काफी बढ़ जाएंगी। अगर दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच जीत जाता है, तो भारत और दक्षिण अफ्रीका सीधे क्वालीफाई कर लेंगे। पेच तब फंसेगा जब दक्षिण अफ्रीका वेस्टइंडीज से हार जाए लेकिन जिम्बाब्वे को हरा दे। ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और भारत तीनों के पास 4-4 अंक होंगे। यहाँ फैसला नेट रन रेट से होगा। भारत को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए न केवल मैच जीतने होंगे, बल्कि जीत का अंतर भी बड़ा रखना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि भारत जिम्बाब्वे को 60 रनों से हराता है, तो भी उसे वेस्टइंडीज को कम से कम 64 रनों से हराना होगा ताकि वह सेमीफाइनल की रेस में वेस्टइंडीज से आगे निकल सके।
यदि भारत एक मैच जीतता है और एक हार जाता है, तो मामला पूरी तरह से दूसरी टीमों के नतीजों और चमत्कारिक रन रेट पर निर्भर हो जाएगा। इस स्थिति में भारत को उम्मीद करनी होगी कि कोई एक टीम अपने तीनों मैच जीत जाए और बाकी टीमों के बीच केवल एक-एक जीत का मुकाबला रहे। हालांकि, मौजूदा रन रेट को देखते हुए एक हार के बाद भारत का आगे बढ़ना लगभग असंभव जैसा होगा।

भारत पर एकतरफा जीत दर्ज करने के बाद दक्षिण अफ्रीका के हौसले बुलंद हैं। फिलहाल उनके पास 2 अंक हैं और उनका रन रेट +3.80 है। दक्षिण अफ्रीका के लिए सेमीफाइनल की राह सबसे आसान दिख रही है।
सीधा समीकरण: यदि वे गुरुवार को वेस्टइंडीज को हरा देते हैं, तो उनका सेमीफाइनल में स्थान लगभग पक्का हो जाएगा।
जोखिम: यदि वे अपने अगले दोनों मैच (वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे) हार जाते हैं, तो वे टूर्नामेंट से बाहर भी हो सकते हैं, बशर्ते वेस्टइंडीज अपने तीनों मैच जीत जाए। हालांकि, भारत के खिलाफ बड़ी जीत ने उन्हें एक ऐसा सुरक्षा कवच (Cushion) दे दिया है जो रन रेट के मामले में उनकी मदद करेगा।

वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 107 रनों के विशाल अंतर से हराकर ग्रुप 1 में खलबली मचा दी है। उनका रन रेट +5.35 है, जो फिलहाल ग्रुप में सबसे बेहतर है। वेस्टइंडीज की असली परीक्षा अब शुरू होगी क्योंकि उनके अगले दो मुकाबले दक्षिण अफ्रीका और भारत जैसी मजबूत टीमों से हैं। अगर वेस्टइंडीज इनमें से एक भी मैच जीतता है, तो उनका शानदार रन रेट उन्हें सेमीफाइनल की दौड़ में सबसे आगे रख सकता है। यदि वे दोनों मैच हार जाते हैं, तो उन्हें उम्मीद करनी होगी कि भारत भी जिम्बाब्वे से हार जाए, ताकि मामला 2-2 अंकों पर अटके।

जिम्बाब्वे के लिए सुपर-8 की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली हार और खराब फील्डिंग ने उन्हें बैकफुट पर धकेल दिया है। उनके पास 0 अंक हैं और रन रेट -5.35 है। जिम्बाब्वे के लिए अब 'करो या मरो' वाली स्थिति है। उन्हें सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए अपने बाकी बचे दोनों मैच (भारत और दक्षिण अफ्रीका) हर हाल में जीतने होंगे। इसके साथ ही उन्हें यह भी दुआ करनी होगी कि अन्य मैचों के नतीजे भी उनके पक्ष में रहें।
ग्रुप 1 अब पूरी तरह से 'नेट रन रेट' का खेल बन चुका है। भारत की भारी हार ने न केवल उनके अंक तालिका को प्रभावित किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास पर भी चोट पहुंचाई है। अब भारतीय टीम को मैदान पर उतरकर आक्रामक क्रिकेट खेलना होगा। अगले चार मैच तय करेंगे कि कौन सी दो टीमें सेमीफाइनल में कदम रखेंगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए आने वाले कुछ दिन रोमांच की पराकाष्ठा होने वाले हैं।