आम बजट 2026-27: 1 फरवरी को पेश होगा देश का आर्थिक रोडमैप, 28 जनवरी से बजट सत्र की तैयारी

खबर सार :-
आम बजट 2026-27 न सिर्फ आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि यह निर्मला सीतारमण के लिए एक और ऐतिहासिक पड़ाव भी होगा। रविवार को बजट पेश होने से संसद और बाजार दोनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। बजट सत्र की शुरुआत और आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए सरकार की प्राथमिकताओं के संकेत पहले ही सामने आ जाएंगे।

आम बजट 2026-27: 1 फरवरी को पेश होगा देश का आर्थिक रोडमैप, 28 जनवरी से बजट सत्र की तैयारी
खबर विस्तार : -

Union budget 2026-27: देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला आम बजट 2026-27 एक फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीपीए) ने बजट के लिए एक फरवरी की तारीख को मंजूरी दे दी है, भले ही इस वर्ष यह दिन रविवार को पड़ रहा हो और गुरु रविदास जयंती के साथ भी मेल खाता हो।

28 जनवरी से शुरू हो सकता है बजट सत्र

सूत्रों के अनुसार, संसद का बजट सत्र बुधवार 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होने की संभावना है। इसके अगले दिन यानी 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 संसद में पेश किया जा सकता है। आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए सरकार देश की आर्थिक स्थिति, विकास दर, महंगाई, रोजगार और आगामी चुनौतियों की तस्वीर सामने रखेगी।

रविवार को बजट, बदलेगा संसद का कैलेंडर

इस बार बजट पेश होने का दिन रविवार है, ऐसे में संसद का कार्यक्रम थोड़ा अलग रहेगा। परंपरा के मुताबिक शुक्रवार 30 जनवरी को संसद की कार्यवाही नहीं होगी, जबकि शनिवार को पहले से ही अवकाश रहता है। बजट के लिए रविवार 1 फरवरी को संसद की विशेष बैठक बुलाई जाएगी। केंद्र सरकार 2017-18 से लगातार एक फरवरी को ही आम बजट पेश करती आ रही है, ताकि नए वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले नीतियों को लागू किया जा सके।

शेयर बाजार के लिए विशेष इंतजाम

अगर बजट रविवार को पेश किया जाता है, तो शेयर बाजार भी उसी दिन विशेष ट्रेडिंग सेशन आयोजित कर सकता है। स्टॉक एक्सचेंज इस बात के संकेत पहले ही दे चुके हैं। बजट के दिन बाजार की प्रतिक्रिया जानने के लिए निवेशकों की नजर इस स्पेशल सेशन पर रहेगी।

निर्मला सीतारमण का रिकॉर्ड

वित्त वर्ष 2026-27 का बजट निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही वे भारत की उन वित्त मंत्रियों में शामिल हो चुकी हैं, जिन्होंने सबसे अधिक बार बजट पेश किया है। उन्होंने पहले ही सी.डी. देशमुख का सात बजट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। यदि वे अगले वित्त वर्ष 2027-28 का बजट भी पेश करती हैं, तो वे पूर्व प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी, जिन्होंने कुल 10 बजट पेश किए थे।

आर्थिक सुधारों पर रहेगी नजर

इस बजट से मध्यम वर्ग, किसानों, युवाओं और उद्योग जगत को कई अहम घोषणाओं की उम्मीद है। टैक्स सुधार, रोजगार सृजन, महंगाई पर नियंत्रण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जैसे मुद्दों पर सरकार की रणनीति इस बजट के जरिए सामने आएगी। कुल मिलाकर, आम बजट 2026-27 देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला एक अहम दस्तावेज साबित हो सकता है।

 

 

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