नई दिल्ली/अयोध्या: देश जब अपने 77वें गणतंत्र दिवस के जश्न की तैयारियों में डूबा है, ठीक उसी समय सीमा पार से भारत की शांति को भंग करने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) ने एक बेहद गंभीर इनपुट जारी किया है, जिसके मुताबिक पाक की जासूसी एजेंसी ISI ने भारत के प्रमुख प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों पर हमले के लिए 'कोड नेम 26-26' तैयार किया है। इस खतरे को देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली से लेकर अयोध्या तक सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक आतंकियों के हिट-लिस्ट में सबसे ऊपर अयोध्या का भव्य राम मंदिर और जम्मू का ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर है। खुफिया रिपोर्टों में चेतावनी दी गई है कि आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' पंजाब के स्थानीय गैंगस्टरों के साथ मिलकर इन पवित्र स्थलों को निशाना बनाने की फिराक में है। इनपुट मिलते ही सुरक्षा बलों ने इन दोनों ही क्षेत्रों में 'घेरा और तलाशी अभियान' तेज कर दिया है और बाहरी व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है।
गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली पुलिस इस बार अत्याधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। पुलिसकर्मी फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से लैस 'स्मार्ट चश्मे' पहनकर भीड़ की निगरानी करेंगे। ये चश्मे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से संदिग्धों के चेहरों को स्कैन करेंगे और रीयल-टाइम में पुलिस डेटाबेस से मिलान करेंगे। राजधानी के सार्वजनिक स्थानों पर वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर भी चटकाए गए हैं। इनमें उत्तर-पूर्वी दिल्ली के रहने वाले आतंकी मोहम्मद रेहान का नाम प्रमुखता से शामिल है, जो संभल के अलकायदा मॉड्यूल का हिस्सा रहा है। इसके अलावा सैयद मोहम्मद अर्शिया और अबु सूफियान जैसे संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।
एजेंसियां न केवल जमीन पर बल्कि डिजिटल दुनिया में भी चौकन्नी हैं। 'फाल्कन स्क्वाड' और 'कश्मीरी रेजिस्टेंस ग्रुप' जैसे छद्म संगठन सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को भड़काने और हमले की धमकियां दे रहे हैं। इन समूहों की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह के कट्टरपंथी प्रचार को रोका जा सके।
आतंकी खतरे के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और आसपास के जंगली इलाकों में सेना के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। जम्मू के उन इलाकों में घर-घर तलाशी ली जा रही है जहाँ रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों की संख्या अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों और नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी कर दी गई है ताकि गणतंत्र दिवस समारोह में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। सुरक्षा बलों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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