नए लेबर कोड से खदान श्रमिकों को मिलेगा मजबूत सुरक्षा कवच, ‘पहले सुरक्षा’ के विजन को मिलेगा बल

खबर सार :-
चार नए लेबर कोड खदान श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। डीजीएमएस की 125 वर्षों की विरासत और आधुनिक तकनीक के समन्वय से माइनिंग सेक्टर अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनेगा। ‘पहले सुरक्षा’ के विजन के साथ सरकार श्रमिक कल्याण को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

नए लेबर कोड से खदान श्रमिकों को मिलेगा मजबूत सुरक्षा कवच, ‘पहले सुरक्षा’ के विजन को मिलेगा बल
खबर विस्तार : -

New Labour code: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड देश को ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहे हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि ये लेबर कोड खदान श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे और उन्हें सम्मानजनक, सुरक्षित व स्थायी कार्य वातावरण उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण है।

डीजीएमएस से जागरूकता और आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील

झारखंड के धनबाद में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस) के 125वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने डीजीएमएस से लेबर कोड्स को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खदान सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी, डिजिटल टूल्स और डेटा आधारित निगरानी प्रणालियों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। मंत्रालय की ओर से डीजीएमएस को हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिया गया।

125 वर्षों की विरासत, समर्पण और बलिदान की कहानी

करंदलाजे ने कहा कि डीजीएमएस की 125 साल की यात्रा खदान सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों और श्रमिकों की कई पीढ़ियों के समर्पण, साहस और बलिदान को दर्शाती है। उन्होंने इस संस्था को भारत में माइनिंग सेफ्टी का मजबूत स्तंभ बताया, जिसने दशकों से श्रमिकों के जीवन की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है।

भारत की ग्रोथ स्टोरी से जुड़ी माइनिंग इंडस्ट्री

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज माइनिंग गतिविधियां सीधे तौर पर भारत की आर्थिक विकास यात्रा से जुड़ी हुई हैं। खनिज संसाधन न केवल औद्योगिक विकास बल्कि आधारभूत ढांचे और रोजगार सृजन के लिए भी जरूरी हैं। ऐसे में खदान श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना राष्ट्रीय प्राथमिकता बन जाती है।

खदान मजदूरों को श्रद्धांजलि

अपने संबोधन में मंत्री ने खदान मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी हिम्मत और लगन, जिसमें अक्सर जान का गंभीर खतरा शामिल होता है, माइनिंग को संभव बनाती है। यही श्रमिक राष्ट्र निर्माण की नींव मजबूत करते हैं और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

‘पहले सुरक्षा’ विजन पर जोर

करंदलाजे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “पहले सुरक्षा” के विजन को दोहराते हुए कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी माइनिंग ऑपरेशन्स में एक समान सुरक्षा मानकों को लागू करने में डीजीएमएस की भूमिका को रेखांकित किया।

केंद्र-राज्य समन्वय और डीजीएमएस की भूमिका

मंत्री ने कहा कि सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है। डीजीएमएस के क्षेत्रीय कार्यालयों की सक्रिय भागीदारी से ही जमीनी स्तर पर बदलाव संभव है।

नया लोगो, थीम सॉन्ग और डिजिटल पहल

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने डीजीएमएस की प्रदर्शनी, पुराने रिकॉर्ड सेक्शन और मॉडल्स गैलरी का दौरा किया। उन्होंने नया डीजीएमएस लोगो जारी किया, साथ ही थीम सॉन्ग और संगठन की यात्रा पर आधारित डिजिटल कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। खदान सुरक्षा में बेहतरीन तरीकों का एक डिजिटल संकलन भी इस अवसर पर जारी किया गया।

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