Ketan Agarwal Murder Case: बड़ा खुलासा! 31 मई से रची जा रही थी साजिश, दो बार हुई नाकाम कोशिश

खबर सार :-

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि घटना वाले दिन सिया और चेतन लोहागढ़ किला जाने से पहले एक कैफे में मिले थे। माना जा रहा है कि इसी मुलाकात में दोनों ने हत्या की साजिश को अंतिम रूप दिया।
Ketan Agarwal Murder Case: बड़ा खुलासा! 31 मई से रची जा रही थी साजिश, दो बार हुई नाकाम कोशिश

खबर विस्तार : -

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस ने गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि केतन अग्रवाल की हत्या कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कई दिनों से सुनियोजित साजिश रची जा रही थी। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने की योजना लगभग दो सप्ताह पहले ही बना ली थी।

Ketan Agarwal Murder Case: कई दिनों तक चली हत्या की प्लानिंग

प्रेस वार्ता में एसपी संदीप गिल ने बताया कि 31 मई को केतन अग्रवाल अपनी साथी सिया गोयल के साथ पुणे के लोनावला स्थित प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर गए थे। केतन को ट्रेकिंग का बेहद शौक था और वह अक्सर ऐसे पर्यटन स्थलों का दौरा करता था। जांच में सामने आया है कि इसी यात्रा के दौरान सिया और चेतन के मन में पहली बार यह विचार आया कि केतन को किले की ऊंचाई से नीचे धकेलकर मार दिया जा सकता है।

एसपी के अनुसार, 31 मई के बाद दोनों आरोपियों ने इस योजना पर गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया। उन्होंने कई बार आपस में बातचीत कर इस साजिश के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। पुलिस को मिले शुरुआती सबूतों से संकेत मिलता है कि दोनों आरोपियों ने हत्या की योजना को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया और उसके लिए उपयुक्त समय तथा स्थान तलाशते रहे।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पहले 4 जून को अपनी योजना को अंजाम देने का प्रयास करने की सोच बनाई थी। हालांकि, परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण उस दिन वे अपने इरादे में सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने दोबारा योजना बनाते हुए 14 जून को उसी स्थान को चुना, जहां बाद में 18 जून को केतन की मौत हुई।

14 जून को नाकाम रही हत्या की कोशिश

एसपी संदीप गिल ने बताया कि पुलिस जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि 14 जून को भी केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। हालांकि वह प्रयास सफल नहीं हो पाया। महत्वपूर्ण बात यह है कि उस दौरान केतन को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ और वह आरोपियों की मंशा से पूरी तरह अनजान रहा। पुलिस का मानना है कि यदि 14 जून की कोशिश सफल हो जाती तो घटना उसी दिन हो सकती थी।

पुलिस ने फिलहाल आरोपियों से पूछताछ से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जा रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर तथ्य का वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर परीक्षण किया जा रहा है।

दोनों आरोपियों के बीच हुई 238 घंटे तक बातचीत

इस बीच, जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड ने भी पुलिस का ध्यान खींचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पिछले छह महीनों के दौरान एक-दूसरे को 2,004 बार फोन किया और कुल 238 घंटे तक बातचीत की। कई बार दोनों के बीच लगातार दो से तीन घंटे से अधिक समय तक फोन पर चर्चा होती रही। पुलिस को संदेह है कि इन लंबी बातचीतों का संबंध केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश से हो सकता है।

पुलिस के अनुसार, दोनों ने किले के उस स्थान की पहचान की थी जहां से केतन को खाई में धकेलना आसान हो सकता था। इसके बाद उन्होंने अपनी योजना को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी की।

पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है और जल्द ही जांच से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।

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