वायरल वीडियो, इंजेक्शन और मौत...कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य बरकरार ! पीएम रिपोर्ट से होगा खुलासा

खबर सार :-
Sadhvi Prem Baisa Death: राजस्थान के जोधपुर में 29 जनवरी को धार्मिक उपदेशक साध्वी प्रेम बैसा की संदिग्ध मौत का मामला हर दिन और ज़्यादा उलझता जा रहा है। उनकी मौत के बाद सामने आए इंस्टाग्राम पोस्ट, उनके पिता और गुरु विरमनाथ के बदलते बयान, और उनके फॉलोअर्स के गंभीर आरोपों ने पूरी घटना में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल वीडियो, इंजेक्शन और मौत...कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य बरकरार ! पीएम रिपोर्ट से होगा खुलासा
खबर विस्तार : -

Sadhvi Prem Baisa Death:  राजस्थान की जानी-मानी 25 साल की युवा साध्वी प्रेम बाईसा जोधपुर में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। हालांकि उनकी मौत का कारण अभी तक साफ नहीं हुआ है। पुलिस हत्या, आत्महत्या, या अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार मौत से कुछ समय पहले उन्हें एक इंजेक्शन दिया गया था। जिसके बाद उनकी हालत इतनी तेज़ी से बिगड़ी कि वे ठीक नहीं हो पाईं। जब तक आश्रम के लोग बीमार साध्वी को अस्पताल ले गए, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही उनकी रहस्यमयी मौत का खुलासा होगा।

Sadhvi Prem Baisa Death:  साध्वी की मौत पर किये जा रहे कई दावे

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। परिवार का कहना है कि उनकी मौत गलत इंजेक्शन से हुई। परिवार का कहना है कि  खांसी और जुकाम की शिकायत के कारण आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया था। इंजेक्शन लगाने के सिर्फ पांच मिनट बाद साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हो गई। जबकि अस्पताल का कहना है कि उन्हें मृत लाया गया था। वहीं सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं। अब, साध्वी प्रेम बाईसा की मौत जांच के दायरे में है। शक है कि उनकी मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। साध्वी की मौत को लेकर इस शक के पीछे ये कारण हो सकते हैं।

Sadhvi Prem Baisa Death:  इंजेक्शन लगाने वाला गिरफ्तार

शहर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इंजेक्शन की शीशी और अन्य संबंधित मेडिकल सामान जब्त कर लिया है, साथ ही जरूरी पूछताछ भी की है। इसके अलावा, आश्रम को सील कर दिया गया है और मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त कर लिए गए हैं। 

पोस्टमॉर्टम से होगा मौत खुलासा

पुलिस प्रशासन महात्मा गांधी अस्पताल के मुर्दाघर में सतर्क रहा। आज सुबह, साध्वी प्रेम बाईसा के शव का पोस्टमॉर्टम MGH (महात्मा गांधी अस्पताल) में एक मेडिकल बोर्ड ने किया। इस दौरान कई साधु और संत मुर्दाघर में मौजूद थे। मुर्दाघर के बाहर पुलिस भी मौजूद थी। पोस्टमॉर्टम तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने किया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट और टेक्निकल जांच के बाद ही सामने आएगी। जांच अभी जारी है, और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

साध्वी प्रेम बाईसा का मौत पर उठे सवाल 

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने भक्तों और आम जनता के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं- शव को कार में क्यों रखा गया, CCTV कैमरे क्यों हटाए गए, और इंजेक्शन में क्या था?  उनकी मौत के लगभग 3 घंटे बाद उनका सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर क्यों पोस्ट किया गया। इसके अलावा साध्वी का एक आपत्तिजनक वीडियो लगभग 6 महीने पहले सामने आया था। फिलहाल बोरानाडा पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली है, लेकिन उनकी मौत का राज़ इन्हीं वजहों के इर्द-गिर्द कहीं छुपा है।

6 महीने पहले वायरल हुआ था आपत्तिजनक वीडियो 

बता दें कि छ महीने पहले साध्वी प्रेम बाईसा का एक आपत्तिजनक वीडियो सामने आया था। ये वीडियो जोधपुर के उसी कुटीर आश्रम का बताया जाता है। इस वीडियो में साध्वी एक कमरे में बिस्तर पर लेटी हुई दिख रही है, जबकि एक महिला कमरे में आती-जाती और उससे बात करती हुई दिख रही है। इसी बीच, भगवा कपड़े और पगड़ी पहने एक आदमी साध्वी के कमरे में आता है और उसके गालों को छूता है, उसे प्यार करता है। फिर साध्वी बिस्तर से उठती है और उस आदमी को गले लगा लेती है। 

वह आदमी भी साध्वी को गले लगाता है और थोड़ी देर के लिए उसे अपनी बाहों में उठा लेता है। इसी वीडियो की वजह से सोशल मीडिया पर लोग साध्वी और उसके साथ दिख रहे आदमी को जज करने लगे और उनके बर्ताव पर सवाल उठाने लगे। असल में, वीडियो में दिख रहा आदमी कोई और नहीं बल्कि साध्वी का गुरु वीरमनाथ है, जिसे साध्वी अपना पिता मानती है। 

हालांकि, साध्वी की अपने "पिता" के साथ इन प्राइवेट तस्वीरों ने उनके रिश्ते की प्रकृति पर सवाल खड़े कर दिए थे। यह ध्यान देने वाली बात है कि उस समय साध्वी ने न सिर्फ़ आश्रम के कुछ लोगों के खिलाफ वीडियो लीक करने के लिए FIR दर्ज कराई थी, बल्कि सफाई भी दी थी। साध्वी ने बताया कि तस्वीरें तब ली गई थीं जब वह गहरे डिप्रेशन से गुज़र रही थीं और उनके पिता उन्हें दिलासा देने के लिए गले लगा रहे थे। साध्वी ने तब कहा था कि इन्हीं लोगों ने आश्रम से CCTV कैमरे की फुटेज चुपके से हासिल की और फिर उन्हें बदनाम करने के इरादे से वायरल कर दिया। ऐसा करने से पहले, उन्होंने उनसे पैसे ऐंठने की भी कोशिश की थी।
 

अन्य प्रमुख खबरें