Economic Survey 2026: वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत बना दुनिया का ब्राइट स्पॉट

खबर सार :-
Economic Survey 2026 ने स्पष्ट किया है कि भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच मजबूती से खड़ा है। मजबूत जीडीपी ग्रोथ, राजकोषीय अनुशासन, रिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और स्वस्थ बैंकिंग सेक्टर भारत को एक भरोसेमंद आर्थिक शक्ति बनाते हैं। आने वाले वर्षों में सुधारों और रणनीतिक नीतियों के दम पर भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में और मजबूत भूमिका निभाने को तैयार है।

Economic Survey 2026: वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत बना दुनिया का ब्राइट स्पॉट
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Economic Survey 2026: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक चुनौतियों के दौर में भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूती का प्रमाण दिया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2026 ने भारतीय अर्थव्यवस्था की सशक्त तस्वीर पेश करते हुए देश को दुनिया के लिए एक “ग्लोबल ब्राइट स्पॉट” बताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत स्थिरता और मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।

वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रथम अग्रिम अनुमानों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह उपलब्धि भारत को लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करती है।

मजबूत मैक्रो इकोनॉमिक फाउंडेशन

निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मैक्रो-आर्थिक आधार पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। सरकार ने वैश्विक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए देश को उच्च विकास पथ पर बनाए रखा है और जीडीपी ग्रोथ को 7 प्रतिशत के आसपास स्थिर रखा है।

राजकोषीय अनुशासन के साथ विकास

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास से समझौता किए बिना राजकोषीय समेकन के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.4 प्रतिशत तय किया गया है, जो वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक स्थिरता को दर्शाता है।

रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय से बुनियादी ढांचे को मजबूती

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 से पूंजीगत व्यय में लगभग 89 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 11.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। प्रभावी पूंजीगत व्यय जीडीपी के महामारी-पूर्व औसत 2.7 प्रतिशत से बढ़कर 3.9 प्रतिशत हो गया है। सरकार ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण कर रही है जो भारत को एक महत्वाकांक्षी और सक्षम अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करती हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक विस्तार

देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में लगभग 60 प्रतिशत का विस्तार दर्ज किया गया है। यह वित्त वर्ष 2014 के 91,287 किलोमीटर से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 तक 1.46 लाख किलोमीटर हो गया है। इससे माल ढुलाई की बाधाएं कम हुई हैं और लॉजिस्टिक्स दक्षता में बड़ा सुधार आया है।

बैंकिंग सेक्टर की सेहत मजबूत

बैंकिंग सेक्टर को लेकर आर्थिक सर्वेक्षण में सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का जीएनपीए रेश्यो सितंबर 2025 में घटकर 2.2 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो कई दशकों का निचला स्तर है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2025 में कर के बाद मुनाफा 16.9 प्रतिशत बढ़ा, जो बैंकिंग प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।

‘स्वदेशी’ से रणनीतिक अनिवार्यता तक

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अब ‘स्वदेशी’ से आगे बढ़कर रणनीतिक मजबूती और रणनीतिक अनिवार्यता की ओर अग्रसर है। इसका लक्ष्य दुनिया को “भारतीय उत्पाद खरीदने के बारे में सोचने” से आगे ले जाकर “बिना सोचे-समझे भारतीय उत्पाद खरीदने” की स्थिति तक पहुंचाना है। इसके लिए सरकार विनियमन में ढील, सुधारों और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

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