मुंबईः भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का दिन कारोबारियों के लिए अच्छा नहीं रहा। कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही बाजार में चौतरफा गिरावट दिखी। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 872.98 अंकों की गिरावट के साथ 81,186.44 और निफ्टी 261.55 अंकों की कमजोरी के साथ 24,683.90 पर बंद हुआ है। घरेलू शेयर बाजार में लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट नजर आई। इस कारण निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 922 अंक गिरकर 56,182.65 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 166.65 अंकों की कमजोरी के साथ 17,483 पर आ गया था। शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह जापान सरकार के बॉन्ड यील्ड में तेजी आना और कमजोर वैश्विक संकेतों को माना जा रहा है।
दुनिया भर के देशों में शेयर बाजार उतार-चढ़ाव की स्थिति से जूझ रहे हैं। यहां निवेशक बहुत ही सोच-समझकर निवेश कर रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स के साथ ज्यादातर एशियाई बाजार मंगलवार को लाल निशान में थे। इस वजह से कारोबारी सत्र समाप्त होने के बाद सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं। फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, मीडिया, एफएमसीजी, ऑटो, एनर्जी और फार्मा सबसे ज्यादा गिरने वाले इंडेक्स में शामिल थे। वहीं सेंसेक्स पैक में इटरनल (जोमैटो), बजाज फाइनेंस, एचयूएल, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स,एसबीआई, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, नेस्ले, टेक महिंद्रा और टाइटन टॉप लूजर्स में थे। टॉप गेनर्स की बात करें, तो बीएसई बेंचमार्क में केवल टाटा स्टील, इन्फोसिस और आईटीसी के शेयर शामिल थे।
शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट आने की एक बड़ी वजह जापान सरकार के बॉन्ड यील्ड में तेजी रही। यहां 20 वर्ष के बॉन्ड की यील्ड साल 2000 के बाद सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। इसके साथ ही 30 वर्ष के बॉन्ड की यील्ड रिकॉर्ड स्तर पर है, जिसकी वजह से जापान की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं पैदा हो रही हैं। जापान के साथ अमेरिका और अन्य विकसित देशों के बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट देखी जा रही है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक शेयर बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई थी। आंकड़ों के अनुसार मंगलवार सुबह 9.31 बजे, सेंसेक्स 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,018.63 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,923.35 पर था। एनएसई के प्रोविजनल डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने 19 मई को 525.95 करोड़ रुपए मूल्य की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक यानी डीआईआई 237.93 करोड़ रुपए के शुद्ध विक्रेताओं में शामिल थे।
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