वैश्विक राहत की हवा से बाजार में तूफानी उछाल: सेंसेक्स 1,073 अंक उछला, निफ्टी 24,000 के पार

खबर सार :-
वैश्विक तनाव में कमी और रुपये की मजबूती ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूत समर्थन दिया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार तेजी देखने को मिली। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर ने बाजार को नेतृत्व दिया। हालांकि आईटी और एफएमसीजी में दबाव रहा, लेकिन व्यापक बाजार सकारात्मक बना रहा। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे और निवेशकों की नजर नीतिगत घटनाक्रम पर रहेगी।
वैश्विक राहत की हवा से बाजार में तूफानी उछाल: सेंसेक्स 1,073 अंक उछला, निफ्टी 24,000 के पार
खबर विस्तार : -

Sensex nifty surge: मुंबई में सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद शानदार साबित हुआ। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और भारतीय रुपये में आई मजबूती ने निवेशकों के मनोबल को मजबूत किया। इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,073.61 अंक या 1.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,488.96 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 312.40 अंक या 1.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,031.70 के स्तर पर पहुंच गया। पूरे दिन बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल बना रहा, जिसमें बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर ने अग्रणी भूमिका निभाई।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने संभाली कमान

भारतीय शेयर बाजार में आज की अप्रत्याशित तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग शेयरों का रहा। निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.29 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। इसमें सरकारी और निजी दोनों बैंकों में खरीदारी देखी गई। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.90 प्रतिशत उछला, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2.09 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी जोरदार खरीदारी रही और यह इंडेक्स 2.24 प्रतिशत चढ़ा। ऑटो सेक्टर ने भी शानदार प्रदर्शन किया और निफ्टी ऑटो 2.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। रियल्टी, ऑयल एंड गैस और एनर्जी सेक्टर में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला, हालांकि एफएमसीजी सेक्टर 0.18 प्रतिशत की हल्की गिरावट में रहा।

Mid Cap-Small Cap-Large Cap

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी

बाजार की तेजी केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 577.30 अंक या 0.94 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,966.60 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.50 अंक या 1.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,202.70 पर पहुंच गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक बाजार में भी जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ी है।

सेंसेक्स पैक में कौन रहा आगे और कौन पीछे

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, टाइटन, मारुति सुजुकी और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे दिग्गज शेयरों में मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर, इन्फोसिस, टीसीएस, सन फार्मा और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे शेयरों में दबाव रहा। आईटी और फार्मा सेक्टर में मुनाफावसूली के कारण हल्की कमजोरी देखी गई, हालांकि व्यापक बाजार की तेजी ने इसे संतुलित कर दिया।

Dollar vs Rupee

वैश्विक संकेतों और रुपये की मजबूती ने बदला माहौल

बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि वार्ता अंतिम चरण में है। इसके अलावा भारतीय रुपये में आई मजबूती ने भी बाजार को सहारा दिया। डॉलर के मुकाबले रुपये में लगभग 0.50 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई, और सत्र के दौरान यह करीब 1.35 प्रतिशत तक मजबूत हुआ। हालांकि रुपया अभी भी 95 के स्तर से ऊपर बना हुआ है, लेकिन सुधार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

निवेशकों के लिए संकेत

विश्लेषकों के अनुसार, जब तक वैश्विक स्तर पर स्थिरता बनी रहती है और रुपये में सुधार जारी रहता है, तब तक बाजार में सकारात्मक रुझान बना रह सकता है। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर आगे भी बाजार को समर्थन दे सकते हैं, जबकि आईटी और फार्मा में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

 

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