नई दिल्लीः भारत के आवासीय रियल एस्टेट बाजार में कोरोना महामारी के बाद की अवधि में तेजी से उछाल आया है। ग्रांट थॉर्नटन भारत की ओर से बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-2025 तक प्रमुख शहरों में कुल आवासीय बिक्री में लगभग 77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह पिछले सात वर्षों में लोगों की आय और जीवन शैली में आये बदलावों को स्पष्ट करता है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में कुल लेन-देन का 57 प्रतिशत हिस्सा प्राथमिक लेन-देन था, जिसमें डेवलपर्स द्वारा बेचे गए निर्माणाधीन घर शामिल हैं। कुल लेन-देन का शेष 43 प्रतिशत हिस्सा संपत्तियों की पुनर्बिक्री से जुड़े द्वितीयक लेन-देन का रहा, जो वित्त वर्ष 2019 में दर्ज 38 प्रतिशत हिस्सेदारी से शानदार बदलाव दर्शाता है। उच्च आय, जीवनशैली में बदलाव और लक्षित डेवलपर प्रयासों के कारण वित्त वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2025 तक एक करोड़ रुपए से अधिक वाले लक्जरी आवास में उछाल आया।
वित्त वर्ष 2025 में ऑफिस लीजिंग में तेजी से उछाल आया और यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। टियर 1 शहरों और उभरते टियर 2 हब में जीसीसी, आईटी/आईटीईएस, ई-कॉमर्स और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस के कारण मांग में उछाल दर्ज किया गया। यह भी बताया गया है कि भारत के ऑफिस मार्केट में मजबूत अब्सोर्प्शन और सकारात्मक किराये की वृद्धि देखी गई है। 'मेक इन इंडिया', जीएसटी सुधारों और नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी द्वारा समर्थित लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर का विस्तार जारी है।
भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में 6.99 बिलियन डॉलर मूल्य के 99 रियल एस्टेट लेनदेन दर्ज किए। निजी इक्विटी ने 3.15 बिलियन डॉलर का नेतृत्व किया, जबकि सार्वजनिक बाजारों ने आईपीओ और क्यूआईपी के माध्यम से लगभग 3 बिलियन डॉलर जुटाए। एआई, ब्लॉकचेन, स्मार्ट बिल्डिंग और ग्रीन कंस्ट्रक्शन परिसंपत्तियों के विकास और संचालन के तरीके को नया रूप दे रहे हैं। रियल एस्टेट टोकनाइजेशन और एसएम-आरईआईटी नए निवेश वाहन के रूप में उभर रहे हैं। रिपोर्ट में डिजिटल इनोवेशन, शहरी विकेंद्रीकरण और निवेशकों की रुचि से प्रेरित प्रीमियम हाउसिंग, कमर्शियल ऑफिस स्पेस, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और वैकल्पिक निवेश में निरंतर वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। इस संबंध में ग्रांट थॉर्नटन भारत लीडरशिप टीम ने कहा कि भारत की रियल एस्टेट स्टोरी को डिजिटल, सस्टेनेबिलिटी और समावेशी तरीके से फिर से लिखा जा रहा है। भविष्य विकेंद्रीकृत, तकनीक-सक्षम और निवेशक-अनुकूल है।
अन्य प्रमुख खबरें
Tariff पर Trump को सुप्रीम झटका, भारत को बड़ी राहत: 18% से घटकर 10% हुआ अमेरिकी शुल्क
RBI Report: रिकॉर्ड ऊंचाई पर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, 725.727 अरब डॉलर का ऐतिहासिक आंकड़ा पार
निवेशकों की आय बढ़ी, मुनाफा घटा: 13 तिमाहियों बाद Nifty 50 की कमाई में झटका
अमेरिका-ईरान तनाव से बाजारों में हलचल: सोना-चांदी चमके, डॉलर भी दमदार
Stock Market: बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स ने लगाई लंबी छलांग, निफ्टी भी 25,800 के पार
वित्त वर्ष 2027 में ब्याज दरें स्थिर रख सकता है आरबीआई : रिपोर्ट
Gold Silver Price Today: सोना फिर हुआ धड़ाम, चांदी भी हुई सस्ती
सर्राफा बाजार में मिलाजुला रुखः सोने की कीमत 700 रुपये बढ़ी, चांदी में 2500 रुपये की गिरावट
RBI Digital Payment इंडेक्स 500 के पार, सितंबर 2025 में 516.76 पर पहुंचा डीपीआई
Indian Stock Market Crash: 800 अंक टूटा BSE Sensex, आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली