Ratan Tata Birth Anniversary: देश के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा की आज 88वीं जयंती है। रविवार को टाटा ग्रुप ने अपने पूर्व चेयरमैन को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर भारतीय उद्योग, समाज सेवा और देश के लिए उनके योगदान को याद किया गया। टाटा ग्रुप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी। वहीं टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी एक भावुक संदेश शेयर करते हुए लिखा, "जन्मदिन मुबारक हो, मिस्टर टाटा। हम आपको बहुत याद करते हैं। आज और हमेशा।" उन्होंने जुलाई 2024 में एक अवॉर्ड सेरेमनी में रतन टाटा के साथ अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की।
28 दिसंबर को 1937 को जन्मे रतन टाटा की 88वीं जयंती पर कई राजनीतिक नेताओं सहित पूरे देश से रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रतन टाटा ने ईमानदारी और करुणा के साथ भारतीय उद्योग को एक नई दिशा दी, और उनका जीवन सिखाता है कि सच्ची सफलता देश की सेवा करने में है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें एक दूरदर्शी उद्योगपति और एक दयालु नेता बताया। उन्होंने कहा कि रतन टाटा की सादगी और मूल्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
रतन टाटा ने 1991 से 2012 तक टाटा ग्रुप का नेतृत्व किया। उन्होंने 2016-17 में थोड़े समय के लिए अंतरिम चेयरमैन के रूप में भी काम किया। उन्हें टाटा ग्रुप को एक सदी पुरानी भारतीय कंपनी से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्था में बदलने का श्रेय दिया जाता है। उनके नेतृत्व में, टाटा ग्रुप ने जगुआर लैंड रोवर (Jaguar Land Rover), कोरस ( Corus) और टेटली (Tetley) जैसी प्रमुख विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण किया, जिससे टाटा की वैश्विक उपस्थिति में काफी विस्तार हुआ। व्यवसाय से परे, रतन टाटा अपने अटूट सिद्धांतों, राष्ट्र निर्माण के प्रयासों और समाज सेवा के लिए भी जाने जाते थे। टाटा ट्रस्ट्स के ज़रिए, उन्होंने शिक्षा, हेल्थकेयर, ग्रामीण विकास और वैज्ञानिक रिसर्च को काफी सपोर्ट दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान टाटा संस के मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा सोशल सर्विस के कामों के लिए समर्पित था, जो कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के प्रति ग्रुप की प्रतिबद्धता को दिखाता है। एक्टिव मैनेजमेंट से हटने के बाद भी, रतन टाटा भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े रहे। उन्होंने कई स्टार्टअप्स में इन्वेस्ट किया और उन्हें मेंटर किया, जिससे शुरुआती स्टेज में उभरती हुई कंपनियों को महत्वपूर्ण सपोर्ट और गाइडेंस मिला।
रतन टाटा को भारत और विदेश में कई सम्मान मिले हैं, जिनमें पद्म भूषण (2000), पद्म विभूषण (2008), मानद नाइट ग्रैंड क्रॉस (GBE – 2014), असम बैभव (2021), और मानद डॉक्टर ऑफ साइंस (IIT बॉम्बे, 2008) शामिल हैं।
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