LPG Supply: देश में एलपीजी और अन्य ईंधनों की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सरकार के अनुसार, किसी भी गैस वितरक के पास एलपीजी खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने बताया कि हाल के समय में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक 4.05 लाख पीएनजी कनेक्शन शुरू किए जा चुके हैं, जबकि 4.41 लाख नए उपभोक्ताओं ने इसके लिए आवेदन किया है। यह कदम घरेलू गैस खपत को संतुलित करने और एलपीजी पर दबाव कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि पहले जारी बयान में गलती से 4.05 लाख एलपीजी कनेक्शन शुरू होने की बात कही गई थी, जबकि यह आंकड़ा वास्तव में पीएनजी कनेक्शनों से संबंधित है। मंत्रालय ने इस त्रुटि पर खेद व्यक्त किया है और सही जानकारी साझा की है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। उपभोक्ताओं के व्यवहार में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग अब कुल बुकिंग का लगभग 98 प्रतिशत हो चुकी है। इसके अलावा, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी 92 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा में सुधार हुआ है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें। केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही बुकिंग करें। इससे भीड़भाड़ कम होगी और आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। साथ ही, सरकार वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है। उपभोक्ताओं को पीएनजी और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि ऊर्जा की बचत हो सके और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम हो।

जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त अभियान भी जारी है। हाल ही में देशभर में 3,800 से अधिक छापेमारी की गई, जिसमें करीब 450 सिलेंडर जब्त किए गए। अब तक कुल 1.2 लाख छापे मारे जा चुके हैं और 57,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कार्रवाई के तहत 950 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 229 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 2,100 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। 204 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया है और 53 के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि 18,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं, जो ऊर्जा संक्रमण की दिशा में सकारात्मक संकेत है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
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