Just Dial के Q4 नतीजों में दिखा मिला-जुला ट्रेंडः मुनाफा गिरा, रेवेन्यू बढ़ा

खबर सार :-
जस्ट डायल के तिमाही नतीजे यह दर्शाते हैं कि कंपनी का कोर बिजनेस स्थिर बना हुआ है, लेकिन ‘अन्य आय’ में गिरावट और यूजर ट्रैफिक में कमी चिंता का विषय है। भविष्य में AI आधारित सुधार और डेटा विस्तार कंपनी के ग्रोथ ड्राइवर्स बन सकते हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा और यूजर एंगेजमेंट बढ़ाना इसकी सबसे बड़ी चुनौती रहेगी।

Just Dial के Q4 नतीजों में दिखा मिला-जुला ट्रेंडः मुनाफा गिरा, रेवेन्यू बढ़ा
खबर विस्तार : -

Just dial Q4 result FY 2026 : डिजिटल लोकल सर्च प्लेटफॉर्म Just Dial Limited ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों में मिश्रित प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 36.6 प्रतिशत गिरकर 100 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2025 की समान तिमाही में 160 करोड़ रुपए था। हालांकि मुनाफे में यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय रही, लेकिन कंपनी ने राजस्व के मोर्चे पर हल्की मजबूती दिखाई। इस दौरान कुल रेवेन्यू 6.2 प्रतिशत बढ़कर 307.2 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 290 करोड़ रुपए था।

ऑपरेशनल प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने स्थिरता बनाए रखी। EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमोर्टाइजेशन से पहले की आय) 3.2 प्रतिशत बढ़कर 88.8 करोड़ रुपए पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 28.9 प्रतिशत रहा, जो यह दर्शाता है कि कंपनी अपनी लागत पर नियंत्रण बनाए रखने में सफल रही है।

कंपनी की ‘अन्य आय’ में तेज गिरावट

टैक्स से पहले परिचालन लाभ (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 76.1 करोड़ रुपए रहा, जो सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह संकेत देता है कि कंपनी का मुख्य व्यवसाय अब भी स्थिर रूप से बढ़ रहा है। लेकिन कुल मुनाफे में गिरावट का सबसे बड़ा कारण ‘अन्य आय’ में तेज गिरावट रही। यह आय 55.2 प्रतिशत सालाना और 42.5 प्रतिशत तिमाही आधार पर घटकर 48.6 करोड़ रुपए रह गई। विश्लेषकों के अनुसार, निवेश आय या गैर-ऑपरेशनल स्रोतों में कमी ने कंपनी के नेट प्रॉफिट पर सीधा असर डाला।

यूजर एंगेजमेंट के मोर्चे पर कंपनी को झटका

यूजर एंगेजमेंट के मोर्चे पर भी कंपनी को झटका लगा। Q4 में कुल ट्रैफिक 4.7 प्रतिशत घटकर 182.4 मिलियन यूनिक विजिटर्स रह गया। तिमाही आधार पर भी इसमें 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलती डिजिटल उपभोक्ता आदतों की ओर इशारा करती है। ट्रैफिक के सोर्स की बात करें तो मोबाइल प्लेटफॉर्म का दबदबा कायम रहा, जो कुल ट्रैफिक का 85.7 प्रतिशत रहा। इसके बाद डेस्कटॉप का हिस्सा 11.5 प्रतिशत और वॉइस प्लेटफॉर्म का योगदान 2.8 प्रतिशत रहा।

जियोकोडेड लिस्टिंग्स में भी उल्लेखनीय वृद्धि

बिजनेस विस्तार के लिहाज से कंपनी ने सकारात्मक प्रगति दिखाई। 31 मार्च 2026 तक एक्टिव लिस्टिंग्स 12.1 प्रतिशत बढ़कर 54.7 मिलियन हो गईं। इस दौरान तिमाही में 18.7 लाख से अधिक नई लिस्टिंग्स जोड़ी गईं। जियोकोडेड लिस्टिंग्स में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली, जो 25.4 प्रतिशत बढ़कर 41 मिलियन तक पहुंच गईं। यह कंपनी की डेटा गुणवत्ता और लोकेशन-आधारित सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। वित्तीय स्थिति की बात करें तो कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है। मार्च 2026 के अंत तक कैश और निवेश बढ़कर 5,852.2 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 5,278.6 करोड़ रुपए था। डिफर्ड रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा और 555.4 करोड़ रुपए के स्तर पर बना रहा, जो भविष्य की आय के संकेत देता है।

कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से अहम रहा 2026

कंपनी के चीफ ग्रोथ ऑफिसर श्वेतांक दीक्षित के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से अहम रहा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स के जरिए प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। शेयर बाजार में कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो Bombay Stock Exchange (BSE) पर सोमवार को कंपनी का शेयर 1.54 प्रतिशत गिरकर 572.35 रुपए पर बंद हुआ। कंपनी का कुल मार्केट कैप 4,867.53 करोड़ रुपए है।

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