मुंबईः वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति कई दिनों से बनी हुई है। एशियाई बाजारों में पॉजिटिव संकेतों के कारण बुधवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुले है। कारोबारी सत्र की शुरुआत होने के बाद आज सुबह 9:35 बजे के करीब सेंसेक्स 0.21 प्रतिशत बढ़कर 82,365 पर और निफ्टी 0.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,119 पर ट्रेडिंग करता नजर आया। ये अलग बात है कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी सिर्फ लार्जकैप तक ही सीमित दिख रही है, मिडकैप और स्मॉलकैप लाल निशान में ही कारोबार कर रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार बुधवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत धीमी गति से हुई। इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन लार्जकैप शेयरों से मुकाबले काफी कमजोर स्थिति में था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 211 अंक नीचे गिरकर 58,891 पर आ गया था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 97 अंक फिसलकर 18,795 के स्तर तक पहुंच गया था। भारतीय शेयर बाजारों की स्थिति को लेकर पीएल कैपिटल के विक्रम कासत ने अपना अनुभव शेयर किया है। उन्होंने कहा कि बुल और बियर के बीच रस्साकशी का खेल जारी है। निफ्टी 40 एचईएमए को पार करने और उससे ऊपर टिकने में नाकाम रहा है, जो अब 25,104 तक नीचे चला गया है। ऐसे में 40 एचईएमए से ऊपर टिके रहना और 25,182 के ऊपर बंद होना ट्रेंड में बड़े बदलाव का संकेत माना जा सकता है, क्योंकि यह एक प्रकार से रुकावट के स्तर के रूप में कार्य कर रहा है। यहां 24,882 का स्तर एक सपोर्ट के रूप में कार्य करेगा।
घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को सेक्टोरल आधार पर ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, इन्फ्रा, कमोडिटीज इंडेक्स, मेटल, एनर्जी, प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी देखी गई। इसके अलावा एफएमसीजी, आईटी, रियल्टी, मीडिया इंडेक्स और पीएसयू बैंक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। सेंसेक्स पैक की बात करें, तो टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, इटरनल (जोमैटो), अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, भारती एयरटेल टॉप गेनर्स की सूची में शामिल थे। वहीं, दूसरी तरफ बीईएल, एशियन पेंट्स, टाइटन, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, एचयूएल, एसबीआई, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, आईटीसी, और आईसीआईसीआई बैंक टॉप लूजर्स में थे।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार एशिया के ज्यादातर बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। यहां टोक्यो, सियोल, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता में हरे निशान में कारोबार हो रहा था। जबकि, अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे। यहां डाउ जोंस बढ़त के साथ और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुआ था। सबसे खास बात यह रही कि अमेरिकी निवेशक दूसरी तिमाही के नतीजों से ज्यादा प्रभावित नहीं हुए हैं। इसकी बाजार की उम्मीदें टूटती नजर आईं। वहीं दूसरी तरफ संस्थागत मोर्चे पर, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 3,548 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक यानी डीआईआई लगातार 12वें दिन खरीदार बने रहे हैं। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने शेयरों में 5,239 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
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