मुंबईः वैश्विक जगत में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार बेहतर स्थिति में हैं। यहां बुधवार को कारोबार की शुरुआत लाल निशान में हुई, लेकिन कुछ ही समय बाद पीएसयू बैंक, ऑटो और आईटी सेक्टर में जमकर खरीदारी के चलते शेयर बाजार हरे निशान में पहुंच गये हैं। आज सुबह 10 बजे के करीब भारतीय सेंसेक्स 160.49 अंक बढ़कर 81,743.79 अंकों पर और निफ्टी 57.40 अंक की तेजी के साथ 24,910.80 अंकों की स्थिति में कारोबार करता हुआ नजर आया।
शेयर बाजार में निफ्टी बैंक 0.06 प्रतिशत बढ़कर 55,747.15 पर, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.03 प्रतिशत की गिरावट के बाद 58,358.95 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.04 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसकी वजह से निफ्टी स्मॉलकैप 18,412.80 पर कारोबार कर रहा था। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध और वैश्विक तनाव में कमी आने की उम्मीदें खत्म होती दिख रही हैं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने का आह्वान किया, जो ईरान के राष्ट्रपति खामनेई को बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। ट्रंप का लेटेस्ट पोस्ट और पश्चिम एशिया में अमेरिकी रक्षा गतिविधियों से मध्य एशिया में संघर्ष और अधिक बढ़ने का संकेत मिला है।
मध्य एशिय़ा संघर्ष की वजह से बाजार भले ही प्रभावित नजर आ रहे हैं, लेकिन पैनिक स्थिति नहीं है। इस संबंध में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार वैश्विक इक्विटी बाजारों में पैनिक की स्थिति नहीं है। बाजारों का आकलन है कि यह संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किए बिना जल्द ही समाप्त हो जाएगा। इसी वजह से सेंसेक्स पैक में कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और एमएंडएम टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, इंडसइंड बैंक, एचसीएल टेक, सन फार्मा, इटरनल और टीसीएस टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल हो गये हैं।
मध्य एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर बाजारों की स्थिति सामान्य नहीं है, लेकिन निफ्टी में सुधार देखने को मिल रहा है। बाजार विश्लेषक विक्रम कासट ने बताया कि निफ्टी को हाल ही में शेयर बाजार में आई गिरावट का सामना करना पड़ा है। इसमें 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट लेवल के आसपास प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। इस स्थिति में आने के बाद निफ्टी में तेजी से सुधार दिखा है। आंकड़ों पर गौर करें तो, मंगलवार यानी 17 जून को निफ्टी का 24,982 का उच्च स्तर ऊपर की ओर जाने के लिए तत्काल प्रतिरोध स्तर है। वहीं दूसरी तरफ, निफ्टी के शेयरों को नीचे की ओर आने के लिए 24,550-24,450 एक महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र हासिल होगा। संस्थागत मोर्चे पर, विदेशी संस्थागत निवेशक यानी एफआईआई शुद्ध खरीदार बने हुए हैं। उन्होंने 17 जून को 1,616.19 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी थी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने 7,796.57 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार एशियाई बाजारों में, बैंकॉक, जापान और सोल हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि जकार्ता, हांगकांग और चीन लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में डॉव जोन्स 299.29 अंक की गिरावट के साथ 42,215.80 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 50.39 अंक की गिरावट के साथ 5,982.72 पर और नैस्डैक 180.12 अंक की गिरावट के साथ 19,521.09 पर बंद हुआ है।
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