UPI Expansion in Cyprus: भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब तेजी से वैश्विक पहचान बना रहा है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि भारत का यूपीआई नेटवर्क अगले साल से साइप्रस में शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही यूरोप में भारत की डिजिटल फाइनेंशियल पहुंच और मजबूत होने जा रही है। यह कदम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि साइप्रस में यूपीआई सेवा शुरू करने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून 2025 में हुई आधिकारिक यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं का बड़ा परिणाम है। इस समझौते से भारत और साइप्रस के बीच वित्तीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
यूपीआई सेवाओं के विस्तार के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल पेमेंट को आसान और तेज बनाना है। इस साझेदारी के जरिए भारतीय पर्यटक, छात्र, कारोबारी और प्रवासी भारतीय साइप्रस में आसानी से यूपीआई आधारित भुगतान कर सकेंगे। वहीं साइप्रस के व्यवसायों को भी भारतीय ग्राहकों के साथ डिजिटल लेनदेन में सहूलियत मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15-16 जून 2025 को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर गए थे। वह पिछले दो दशकों में साइप्रस जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। इस दौरे को भारत-साइप्रस संबंधों में ऐतिहासिक मोड़ माना गया। यात्रा के दौरान पीएम मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, तकनीक, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
दोनों नेताओं ने लिमासोल शहर में आयोजित बिजनेस राउंडटेबल में हिस्सा लिया, जहां भारत और साइप्रस के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच कई संभावनाओं पर बातचीत हुई। इसके अलावा दोनों देशों ने 2025-29 के लिए व्यापक संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर भी सहमति व्यक्त की। विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीआई का विस्तार केवल डिजिटल भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और निवेश गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
साइप्रस, यूरोप में यूपीआई अपनाने वाला नया देश बनने जा रहा है। इससे पहले फ्रांस फरवरी 2024 में यूपीआई सेवा शुरू करने वाला पहला यूरोपीय देश बना था। फ्रांस में इसकी शुरुआत एफिल टॉवर से हुई थी, जिसने भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक पहचान दिलाई। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, श्रीलंका, मॉरिशस, नेपाल, भूटान और ओमान जैसे देशों में भी यूपीआई आधारित सेवाएं शुरू हो चुकी हैं या सहयोग समझौते किए जा चुके हैं।
एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने पेरू, नामीबिया और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों के साथ भी समझौते किए हैं। इन समझौतों के तहत भारत उन देशों को यूपीआई जैसी डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित करने में मदद करेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, साइप्रस ने मुंबई में ट्रेड ऑफिस खोलने की योजना भी साझा की है। साथ ही साइप्रस ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में अपना समर्थन दोहराया है। इससे दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख खबरें
Geopolitical Tension घटते ही Gold-Silver की कीमतों में नरमी, निवेशकों ने बनाई दूरी
2026-06-17
Food Grain Storage में डिजिटल क्रांति: सरकार 18 जून को लॉन्च करेगी Smart Warehousing System
2026-06-17
2026-06-17
2026-06-17
2026-06-17
2026-06-17
Sensex-Nifty की रफ्तार थमी, Crude Oil में नरमी से बाजार को सहारा; अब मानसून बनेगा अगला बड़ा ट्रिगर
2026-06-17
2026-06-16
India के निर्यात ने बनाया Record: 12 वर्षों में 85% उछाल, 863 अरब डॉलर पर पहुंचा कुल Export
2026-06-16
Natural Gas बाजार में वापसी की रफ्तार तेज, कीमतों में सुधार के पीछे सप्लाई-डिमांड का नया संतुलन
2026-06-16
सोने-चांदी में मुनाफावसूली का असर, कीमतों में आई तेज गिरावट; निवेशकों ने की बिकवाली
2026-06-16
Diesel और ATF Export पर सरकार सख्त: विंडफॉल टैक्स बढ़ा, पेट्रोल शुल्क यथावत
2026-06-16
शेयर बाजार में शानदार शुरुआत: सेंसेक्स 76,500 के पार, आईटी और कंज्यूमर शेयरों ने बढ़ाया जोश
2026-06-16
2026-06-15
US Iran Peace Deal का बाजार पर बड़ा असर: सेंसेक्स 1200 अंक उछला, निफ्टी 24 हजार के करीब
2026-06-15