वैश्विक बाजार में तनाव से चमका Gold-Silver: US-Iran समीकरण बदला, बाजारों में लौटी तेजी, निवेशकों का भरोसा बढ़ा

खबर सार :-
अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक संकेतों ने वैश्विक बाजारों में नई उम्मीद जगाई है, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के रूप में दिखा। जहां निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। आने वाले समय में भू-राजनीतिक घटनाक्रम ही बाजार की दिशा तय करेंगे।

वैश्विक बाजार में तनाव से चमका Gold-Silver: US-Iran समीकरण बदला, बाजारों में लौटी तेजी, निवेशकों का भरोसा बढ़ा
खबर विस्तार : -

MCX Gold Price: वैश्विक बाजारों में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिसने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर खींच लिया। United States और Iran के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों ने बाजार में सकारात्मक माहौल पैदा किया, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम करीब 2 प्रतिशत तक उछल गए।

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार COMEX पर सुबह के कारोबार में सोना 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,789 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी ने और भी तेज रफ्तार पकड़ी और 1.90 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती नजर आई। यह उछाल पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद आया है, जिससे बाजार में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

तनाव से राहत के संकेत, निवेशकों का बदला रुख

दरअसल, हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा Strait of Hormuz को लेकर सख्त रुख अपनाने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई थी, जिसके कारण सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आई थी। लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान के अधिकारियों ने उनके प्रशासन से संपर्क किया है और बातचीत के जरिए समाधान की इच्छा जताई है। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांति वार्ता जारी रखने की बात कही है। इन बयानों से वैश्विक निवेशकों को राहत मिली है, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी में खरीदारी बढ़ी है।

कच्चे तेल में गिरावट, बाजारों में संतुलन

जहां कीमती धातुओं में तेजी आई है, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude 2.77 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 96.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं WTI Crude भी 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर 95.69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं, तो कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं घटती हैं, जिससे कीमतों में गिरावट आती है। वहीं दूसरी ओर, निवेशक अस्थिरता के दौरान सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश बढ़ाते हैं।

भारतीय बाजार बंद, वैश्विक बाजारों में हलचल जारी

भारत में Ambedkar Jayanti के मौके पर शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट बंद रहे। हालांकि Multi Commodity Exchange (एमसीएक्स) पर शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे तक ट्रेडिंग जारी रहेगी। भारतीय बाजारों में सामान्य कारोबार 15 अप्रैल से फिर शुरू होगा। इसके बाद अगली छुट्टी Maharashtra Day (1 मई) को रहेगी। वहीं वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। एशियाई बाजार जैसे Tokyo, Jakarta और Seoul हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजार भी सोमवार को 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ है।

एक्सपर्ट्स की राय में बाजार

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में निवेशक सतर्क लेकिन सक्रिय बने हुए हैं। अमेरिका-ईरान के बीच किसी भी तरह की सकारात्मक प्रगति से बाजार में स्थिरता बढ़ सकती है, जबकि तनाव बढ़ने की स्थिति में सोना और चांदी और भी मजबूत हो सकते हैं। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रहेगी, जो बाजार की दिशा तय करेंगे।

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