नई दिल्लीः ग्लोबल मार्केट से आज कमजोर संकेत मिल रहे हैं, जिससे एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव बन गया है। अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र के दौरान निवेशकों की निराशा का माहौल था, जिसके कारण वॉल स्ट्रीट के सूचकांक सीमित दायरे में कारोबार करते हुए सपाट स्तर पर बंद हुए। इसके अलावा यूरोपीय बाजारों में भी मिश्रित कारोबार देखा गया। आज के कारोबार में एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख देखने को मिल रहा है, हालांकि कुछ बाजारों में मामूली सुधार देखा जा रहा है।
अमेरिकी बाजार के प्रमुख सूचकांकों ने पिछले सत्र में मामूली उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार किया। वॉल स्ट्रीट का प्रमुख सूचकांक एस एंड पी 500 केवल 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6,449.15 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक, हालांकि, 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 21,629.77 अंक पर बंद हुआ। दूसरी ओर, डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में आज 0.05 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है और यह फिलहाल 44,889.17 अंक पर कारोबार कर रहा है।
यूरोपीय बाजारों में भी इस बार मिश्रित परिणाम सामने आए। एफटीएसई 100 इंडेक्स 0.21 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 9,157.74 अंक पर बंद हुआ, जबकि सीएसी 40 इंडेक्स 0.50 प्रतिशत गिरकर 7,884.05 अंक पर बंद हुआ। डीएएक्स इंडेक्स में भी 0.18 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली और यह 24,314.77 अंक पर बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों की कमजोरी से बाजारों में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
एशियाई बाजारों में भी आज बिकवाली का दबाव साफ देखा जा रहा है। एशिया के 9 प्रमुख बाजारों में से 6 में गिरावट आई है, जबकि 3 बाजारों में मामूली बढ़त देखने को मिली है। गिफ्ट निफ्टी 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,964.50 अंक पर कारोबार कर रहा है, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.30 प्रतिशत बढ़कर 3,739.26 अंक पर पहुंचा है। स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स में भी 0.54 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली, और यह 4,210.13 अंक पर कारोबार कर रहा है।
वहीं, निक्केई इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 43,609 अंक पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग इंडेक्स भी 0.11 प्रतिशत गिरकर 25,149 अंक पर पहुंचा है। ताईवान वेटेड इंडेक्स, कोस्पी, सेट कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट में कमजोरी और एशियाई बाजारों में बिकवाली के दबाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है, जिससे निवेशकों को लाभ अर्जित करने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है, जब बाजार में गिरावट के बावजूद गुणवत्ता वाली कंपनियों के स्टॉक्स में निवेश किया जा सके।
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