मुंबईः भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। यहां का बाजार निवेशकों को तेजी से अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। भारतीय रिजर्ब बैंक की तरफ से जारी मासिक बुलेटिन में बताया गया कि अप्रैल 2025 में देश सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह बढ़कर 8.8 बिलियन डॉलर हो गया, जो कि मार्च में 5.9 बिलियन डॉलर था। यही नहीं, सकल एफडीआई प्रवाह में विनिर्माण और व्यावसायिक सेवाओं की हिस्सेदारी भी लगभग 50 प्रतिशत रही है। जबकि अप्रैल 2024 में एफडीआई प्रवाह 7.2 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया था।
भारतीय रिजर्व बैंक के बुलेटिन में बताया गया है कि भारत एफडीआई प्रवाह में वैश्विक स्तर पर 16वें स्थान पर है और पिछले पांच वर्षों (2020-2024) में डिजिटल अर्थव्यवस्था क्षेत्रों में ग्रीनफील्ड निवेश 114 बिलियन डॉलर रहा है, जो ग्लोबल साउथ के सभी देशों में सर्वाधिक है। आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) का शुद्ध प्रवाह 1.7 बिलियन डॉलर था, जो कि इक्विटी सेगमेंट के माध्यम से संचालित होता था। भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध विराम और 2024-25 की चौथी तिमाही में उम्मीद से बेहतर व्यावसायिक परिणाम सामने आए हैं, जिसकी वजह से लगातार तीसरे महीने इक्विटी में तेजी आई है। इससे भारतीय बाजारों के प्रति निवेशकों की धारणा में काफी सुधार भी हुआ है, जिसकी वजह से दूरसंचार, सेवाएं और पूंजीगत सामान शीर्ष प्राप्तकर्ता क्षेत्रों के रूप में उभर कर सामने आए हैं।
आरबीआई बुलेटिन के अनुसार, पिछले माह निकासी का अनुभव करने वाले डेट सेगमेंट में भी बदलाव हुआ है। मई में शुद्ध निकासी में ठहराव देखा गया, जबकि भारतीय और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड के बीच यील्ड अंतर महीने के अधिकांश समय 2 प्रतिशत से नीचे आ गया है। इस साल अप्रैल के दौरान एनआरआई जमा राशि बढ़कर 165.43 बिलियन डॉलर हो गई, जो पिछले साल के इसी महीने में 164.68 बिलियन डॉलर दर्ज की गयी थी।
आरबीआई की तरफ से जारी बुलेटिन में बताया गया है कि विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि ने रुपए को मजबूत करने में भी मदद की और एक मजबूत बाहरी संतुलन स्थिति को दर्शाया है। इसकी वजह से देश के पास मौजूद कुल विदेशी मुद्रा भंडारण 11 महीने से अधिक के निर्यात को फंड करने के लिए पर्याप्त है। यह भी कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया (आईएनआर) में मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, मई 2025 के दौरान इसमें कम अस्थिरता देखी गई।
अन्य प्रमुख खबरें
महंगा हुआ हवाई सफर: Air India ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, यात्रियों की जेब पर असर
Wst Asia Cisis के बीच कीमती धातुओं की चमक फीकी: Gold-Silver में गिरावट, निवेशकों में असमंजस
प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत: 5 किलो एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी, सरकार का बड़ा फैसला
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी दमदार रहेगी Indian Economy, 6.7% GDP Growth का अनुमान
Gold की चमक तेज, Silver ने लगाई छलांग, कीमतें रिकॉर्ड के करीब पहुंचीं
HPCL का बड़ा एक्शन: Zero Tolerance Policy, एलपीजी अनियमितताओं पर 10 डिस्ट्रीब्यूटर सस्पेंड
Good Friday पर थमा बाजार: निवेशकों को मिला ब्रेक, BSE-NSE से लेकर कमोडिटी मार्केट तक सन्नाटा
गिरावट से उभरकर बाजार की शानदार वापसी: Sensex 1,800 अंक चढ़ा, IT शेयरों ने दिखाई ताकत
ई-इनकम टैक्स वेबसाइट: एआई असिस्टेंट 'कर साथी' के साथ टैक्स भरना हुआ आसान
Digital India की रफ्तार तेज: मार्च में UPI ने बनाया 22.64 अरब लेनदेन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड